औषधि निरीक्षक परीक्षा: विपक्ष ने 40 लाख रुपये में प्रश्नपत्र बेचे जाने का आरोप लगाया

औषधि निरीक्षक परीक्षा: विपक्ष ने 40 लाख रुपये में प्रश्नपत्र बेचे जाने का आरोप लगाया

औषधि निरीक्षक परीक्षा: विपक्ष ने 40 लाख रुपये में प्रश्नपत्र बेचे जाने का आरोप लगाया
Modified Date: August 26, 2026 / 09:04 pm IST
Published Date: August 26, 2026 9:04 pm IST

मुंबई, 26 अगस्त (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा)-शरदचंद्र पवार (शप) के विधायक रोहित पवार ने बुधवार को आरोप लगाया कि महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) द्वारा मार्च में आयोजित औषधि निरीक्षक ग्रुप-बी पदों की भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र अभ्यर्थियों को 40-40 लाख रुपये में बेचे गए थे।

पवार ने मामले की जांच कराए जाने की मांग की।

कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने सरकार पर हजारों युवाओं के “सपनों पर बुलडोजर चलाने” का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार को छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना बंद करना चाहिए।

सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले की गहन जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

आयोग ने इस साल की शुरुआत में आयोजित परीक्षा में कथित अनियमितताओं की प्रारंभिक जांच के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग में औषधि निरीक्षक ग्रुप-बी पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी थी।

रोहित पवार ने आरोप लगाया कि उन्हें मिली जानकारी के अनुसार, राज्यभर में सक्रिय एजेंटों के एक नेटवर्क के जरिए प्रश्नपत्र 40-40 लाख रुपये में बेचे गए।

उन्होंने दावा किया कि आयोग को भी इसकी जानकारी थी।

रोहित ने कहा कि जांच में अब यह सामने आ चुका है कि प्रश्नपत्र लीक हुआ था लेकिन उन्होंने आयोग के इस स्पष्टीकरण पर सवाल उठाया कि प्रश्नपत्र केवल एक छात्र के पास उपलब्ध था।

उन्होंने प्रश्नपत्र लीक होने को आयोग की विश्वसनीयता से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए उसके अध्यक्ष से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की।

राकांपा-शप के विधायक ने सरकार से आयोग के अध्यक्ष पद पर किसी साफ छवि वाले व्यक्ति की नियुक्ति करने का भी आग्रह किया।

भाजपा विधायक अभिमन्यु पवार ने कहा कि उन्होंने आयोग की औषधि निरीक्षक 2025 परीक्षा के कथित प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की है।

उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लिया है और आश्वासन दिया है कि इसकी गहन जांच कराई जाएगी तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ जल्द से जल्द कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

भाजपा नेता ने कहा कि आयोग जैसे महत्वपूर्ण संस्थान द्वारा आयोजित परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होना गंभीर मामला है।

उन्होंने यह पता लगाने के लिए जांच की मांग की कि प्रश्नपत्र कैसे लीक हुआ, आयोग से किस स्तर पर यह गड़बड़ी हुई और प्रश्नपत्र तैयार करने, उसकी छपाई, परिवहन तथा परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की प्रक्रिया में कहीं कोई लापरवाही या अनियमितता तो नहीं हुई।

अभिमन्यु पवार ने इस बात की जांच कराए जाने की मांग की कि प्रश्नपत्र संबंधित अभ्यर्थी तक कैसे पहुंचा और कितने अन्य अभ्यर्थियों को यह प्रश्नपत्र मिला।

भाजपा नेता ने कहा कि जांच के निष्कर्ष छात्रों के सामने रखे जाने चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

रोहित पवार ने परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि प्रश्नपत्र लीक का मुद्दा उन्होंने सबूतों के साथ उठाया था और इसे जांच एजेंसियों के समक्ष भी ले गए थे।

उन्होंने आयोग से मामले को दबाने की कोशिश करने के बजाय जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की।

सपकाल ने भाजपा नीत सरकार पर भर्ती परीक्षाएं उचित तरीके से आयोजित करने में विफल रहने का आरोप लगाया और कहा कि औषधि निरीक्षक परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने से हजारों अभ्यर्थियों के सपने चकनाचूर हो गए हैं।

सपकाल ने कहा, “नीट, टीईटी, तलाठी और सीबीएसई के प्रश्नपत्र लीक होने के बाद अब आयोग की औषधि निरीक्षक परीक्षा में भी गड़बड़ी सामने आई है। यह हजारों युवाओं के सपनों पर बुलडोजर चलाने जैसा है।”

उन्होंने सवाल किया कि अनियमितताओं की शिकायतों के बावजूद महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग ने भर्ती प्रक्रिया जारी क्यों रखी।

कांग्रेस नेता ने कहा, “आयोग एक स्वायत्त संस्था है लेकिन सरकार उसकी स्वायत्तता का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकती। सरकार को ऐसी संस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए, जिसके फैसलों का असर हजारों छात्रों के भविष्य पर पड़ता है।”

सपकाल ने पुणे में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का भी जिक्र किया, जहां एक युवती ने कांग्रेस नेता के समक्ष औषधि निरीक्षक परीक्षा का प्रश्नपत्र कथित तौर पर लीक होने का मुद्दा उठाया था।

उन्होंने कहा, “सरकार को छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना बंद करना चाहिए। अगर युवा सड़कों पर उतर आए तो सरकार के पास छिपने की कोई जगह नहीं होगी।”

सपकाल ने मुंबई में प्रदर्शनों पर लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर महाराष्ट्र सरकार की भी आलोचना की।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नीत महायुति सरकार विरोध की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।

आयोग ने 22 मार्च को औषधि निरीक्षक के पदों के लिए ऑफलाइन परीक्षा आयोजित की थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र लीक होने की आशंका जताते हुए शिकायत की थी लेकिन शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई और बाद में 488 अभ्यर्थियों की मेरिट सूची जारी कर भर्ती प्रक्रिया पूरी कर दी गई।

उन्होंने दावा किया कि अब आयोग ने प्रश्नपत्र लीक होने की बात स्वीकार कर ली है और भर्ती प्रक्रिया रद्द कर नयी परीक्षा आयोजित करने का फैसला किया है।

भाषा जितेंद्र सिम्मी

सिम्मी


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