बकाया बिलों के कारण सरकारी ठेकेदार ने आत्महत्या की, विपक्ष ने फडणवीस सरकार की आलोचना की

बकाया बिलों के कारण सरकारी ठेकेदार ने आत्महत्या की, विपक्ष ने फडणवीस सरकार की आलोचना की

बकाया बिलों के कारण सरकारी ठेकेदार ने आत्महत्या की, विपक्ष ने फडणवीस सरकार की आलोचना की
Modified Date: August 26, 2026 / 08:21 pm IST
Published Date: August 26, 2026 8:21 pm IST

मुंबई, 26 अगस्त (भाषा) नवी मुंबई में बकाया बिलों का भुगतान नहीं होने से परेशान 37 वर्षीय एक सरकारी ठेकेदार ने मंगलवार शाम अपने आवास पर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस के एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी के अनुसार, मृतक की पहचान गजानन देवकते के रूप में हुई है। उन्होंने उलवे स्थित शगुन पैराडाइज इमारत में अपने फ्लैट में कथित तौर पर फांसी लगा ली।

घटना के बाद महाराष्ट्र में विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर मराठी ठेकेदारों को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की।

उलवे पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार, काम पूरा करने के बाद भी बिलों का भुगतान नहीं होने से देवकते गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे थे। बकाया भुगतान के लिए वह मुंबई में कार्यकारी अभियंता के कार्यालय के बार-बार चक्कर लगा रहे थे, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि वह बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) और विभिन्न सरकारी विभागों के लिए ठेके लेते थे।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि देवकते ने एक साल पहले कार्यकारी अभियंता को पत्र लिखकर भुगतान में देरी पर अपनी नाराजगी जताई थी। पत्र में उन्होंने उल्लेख किया था कि बकाया राशि लेने के लिए उन्हें कम से कम 10 बार कार्यालय जाना पड़ा था।

घटना के बाद उलवे पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (एडीआर) दर्ज की।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता रोहित पवार ने सोशल मीडिया पर यह मुद्दा उठाते हुए अधिकारियों से जवाबदेही तय करने की मांग की।

पवार ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘साल दर साल करोड़ों रुपये के बिल नहीं मिलने से परेशान राज्य के मराठी ठेकेदारों को इस सरकार ने आत्महत्या के कगार पर पहुंचा दिया है। अब तक छह ठेकेदारों ने अपनी जान दे दी है और आज नवी मुंबई के ठेकेदार गजानन देवकते ने भी अपनी जान दे दी।’’

उन्होंने सवाल किया कि अगर गुजरात और आंध्र प्रदेश के ठेकेदारों के करोड़ों रुपये के बिलों का समय पर भुगतान किया जाता है तो मराठी ठेकेदारों ने क्या गलती की है।

पवार ने आरोप लगाया, ‘‘वे चाहे कितने भी प्रदर्शन करें या संवैधानिक तरीके से अपनी मांगें रखें, सरकार ठेकेदारों के बिलों का भुगतान नहीं करती। इसलिए, उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर करने के कारण इस सरकार पर गैर-इरादतन हत्या का आरोप क्यों न लगाया जाए?’’

अहिल्यानगर के कर्जत-जामखेड विधानसभा क्षेत्र से विधायक पवार ने कहा, ‘‘मैं सभी मराठी ठेकेदारों से अपील करता हूं कि आत्महत्या कोई रास्ता नहीं है। हमें अपने अधिकारों, अपने परिवारों और अपने अस्तित्व के लिए एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। संघर्ष के रास्ते से हम इस सरकार को सही रास्ते पर लाएंगे, लेकिन कृपया कोई भी आत्महत्या का रास्ता न अपनाए। गजानन देवकते को भावभीनी श्रद्धांजलि!’’

भाषा राखी नरेश

नरेश


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