ईडी ने तिरुपति लड्डू में मिलावट के मामले में धनशोधन का प्रकरण दर्ज किया

Ads

ईडी ने तिरुपति लड्डू में मिलावट के मामले में धनशोधन का प्रकरण दर्ज किया

  •  
  • Publish Date - February 10, 2026 / 03:55 PM IST,
    Updated On - February 10, 2026 / 03:55 PM IST

अमरावती/नयी दिल्ली, 10 दिल्ली (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति स्थित प्रसिद्ध तिरुमला मंदिर में ‘लड्डू प्रसादम’ बनाने के लिए कथित रूप से मिलावटी घी के इस्तेमाल से जुड़े मामले की जांच के लिए धन शोधन का प्रकरण दर्ज किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि संघीय जांच एजेंसी ने कुछ समय पहले आरोपी द्वारा कथित रूप से अर्जित अपराध की आय या अवैध धन की जांच के लिए धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया था।

अधिकारियों ने बताया कि ईडी सीबीआई के नेतृत्व वाली विशेष जांच टीम (एसआईटी) द्वारा दर्ज प्राथमिकी, दस्तावेजों और हाल में दायर आरोपपत्र को देख रही है।

एसआईटी ने इस मामले में तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के नौ अधिकारियों और पांच डेयरी विशेषज्ञों सहित 36 लोगों को आरोपी बनाया है।

एसआईटी की जांच के निष्कर्षों के अनुसार, श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर निकाय को घी के रूप में बेची गई मूल सामग्री रासायनिक रूप से संसाधित पामोलिन तेल और अन्य अवयवों से बनी थी।

अधिकारियों ने बताया कि ईडी आरोपियों द्वारा कथित तौर पर किए गए धनशोधन और घी में मिलावट के माध्यम से अवैध धन उत्पन्न करने की संभावना की जांच कर रही है।

उन्होंने कहा कि एजेंसी को इस मामले में आरोपियों द्वारा हवाला सौदों और धन के गबन में संलिप्तता का संदेह है।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने सितंबर 2024 में दावा किया था कि राज्य में वाईएस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली पिछली सरकार के दौरान तिरुपति लड्डू बनाने में पशु वसा का इस्तेमाल किया गया था, जिससे एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।

जनवरी में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए टीटीडी के अध्यक्ष बी आर नायडू के अनुसार, पिछली वाईएसआरसीपी सरकार के दौरान टीटीडी को लगभग 250 करोड़ रुपये मूल्य के लगभग 60 लाख किलोग्राम मिलावटी घी की आपूर्ति की गई थी।

भाषा नोमान दिलीप

दिलीप