अमरावती, छह फरवरी (भाषा) आंध्र प्रदेश में तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) को मिलावटी घी की कथित तौर पर आपूर्ति के मुद्दे पर राजग के घटक दलों की ओर से हमले का सामना कर रहे वाईएसआरसीपी प्रमुख वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने शुक्रवार को दावा किया कि सीबीआई ने इस मामले में पूर्व अध्यक्ष वाई वी सुब्बा रेड्डी और बी करुणाकर रेड्डी को क्लीन चिट दे दी है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा कि सीबीआई के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने स्पष्ट रूप से कहा है कि घी में पशु वसा की कोई मिलावट नहीं है।
रेड्डी पूर्व मंत्री जोगी रमेश के आवास पर गये थे, जहां तेदेपा समर्थकों द्वारा कथित तौर पर तोड़फोड़ की गई थी।
उन्होंने दावा किया, ‘‘(मुख्यमंत्री) चंद्रबाबू नायडू के दावे के अनुसार, टीटीडी को आपूर्ति किए गए घी में पशु चर्बी का कोई अंश नहीं था। चंद्रबाबू नायडू ने (तिरुपति) वेंकटेश्वर स्वामी के भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए एक दुर्भावनापूर्ण अभियान चलाया।’’
जगन ने कहा, ‘‘इतना ही नहीं, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने टीटीडी के पूर्व अध्यक्षों सुब्बा रेड्डी और भुमना करुणाकर रेड्डी को क्लीन चिट भी दी थी, जिसमें कहा गया था कि वे किसी भी प्रकार के गलत कृत्य में शामिल नहीं थे।’’
तेदेपा नेताओं से टिप्पणी के लिए तत्काल संपर्क नहीं हो सका।
मुख्यमंत्री नायडू ने हालांकि क्लीन चिट मिलने के दावों को खारिज कर दिया है और स्पष्ट किया है कि सीबीआई रिपोर्ट में कहीं भी यह प्रमाणित नहीं किया गया है कि मिलावट नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि आरोपी झूठी बातें फैला रहे हैं और मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए जवाबी हमले कर रहे हैं।
भाषा
देवेंद्र दिलीप
दिलीप