एथेनॉल-मिश्रित ईंधन से लोगों के वाहन खराब हो गए: सपकाल

एथेनॉल-मिश्रित ईंधन से लोगों के वाहन खराब हो गए: सपकाल

एथेनॉल-मिश्रित ईंधन से लोगों के वाहन खराब हो गए: सपकाल
Modified Date: July 26, 2026 / 07:17 pm IST
Published Date: July 26, 2026 7:17 pm IST

मुंबई, 26 जुलाई (भाषा) कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने रविवार को आरोप लगाया कि एथेनॉल-मिश्रित ईंधन से लोगों के वाहन खराब हो गए हैं। उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के इस्तीफे की मांग की।

बुलढाणा में पत्रकारों से बात करते हुए सपकाल ने कहा कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) के कथित पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद गडकरी को भी इस मामले में इस्तीफा दे देना चाहिए, जिसे उन्होंने ‘एथेनॉल घोटाला’ करार दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि आम वाहन मालिकों (जिन्हें एथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल और डीजल बेचा जा रहा था) की गाड़ियां गंभीर रूप से खराब हो गई हैं, जबकि एथेनॉल बनाने वाली कंपनियों ने भारी मुनाफा कमाया है।

सपकाल ने दावा किया कि केंद्र की एथेनॉल नीति नागरिकों के साथ ‘भ्रष्टाचार’ और ‘उत्पीड़न’ दोनों का उदाहरण है और इसे एक बड़ा घोटाला बताया।

कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से उन वाहन मालिकों से माफी मांगने का भी आग्रह किया, जिनकी गाड़ियां कथित तौर पर एथेनॉल-मिश्रित ईंधन के कारण खराब हो गई हैं।

ई-20 एथेनॉल-मिश्रण नीति को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यह विवाद गाड़ियों का माइलेज कम होने, इंजन के खराब होने की आशंका और हितों के टकराव के आरोपों पर केंद्रित है।

सरकार ने इस कार्यक्रम का बचाव करने के साथ साफ किया कि 20 प्रतिशत से अधिक एथेनॉल मिलाने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। सरकार ने एथेनॉल मिश्रित ईंधन को सुरक्षित और साफ-सुथरा बताते हुए कहा कि इससे किसानों को भी फायदा होता है।

भाषा संतोष दिलीप

दिलीप


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