फडणवीस महाराष्ट्र में सूखा घोषित करें, प्रभावित किसानों को दें मुआवजा: पवार

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फडणवीस महाराष्ट्र में सूखा घोषित करें, प्रभावित किसानों को दें मुआवजा: पवार

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  • Publish Date - September 18, 2026 / 12:09 PM IST,
    Updated On - September 18, 2026 / 12:09 PM IST

मुंबई, 18 सितंबर (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से अपील की कि वह कम बारिश का सामना करने वाले तालुकाओं में सूखा घोषित करें और प्रभावित किसानों को कम से कम 50,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से आर्थिक सहायता दें।

पवार ने बुधवार को मुख्यमंत्री को लिखे एक पत्र में दावा किया कि राज्य के 36 में से 31 जिलों में कम बारिश के कारण सोयाबीन, कपास और दाल जैसी खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं, साथ ही बुआई का रकबा भी काफी कम हो गया है और पेयजल व चारे की भारी किल्लत पैदा हो गई है।

उन्होंने सरकार से मांग की कि वह औपचारिकताओं की प्रतीक्षा किये बिना सूखा घोषित करे और प्रभावित इलाकों को तुरंत राहत पहुंचाए।

पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री ने किसानों को प्रति हेक्टेयर 50,000 रुपये और खेतिहर मज़दूर परिवारों को 25,000 रुपये प्रति परिवार की दर से विशेष सहायता देने की भी मांग की।

उन्होंने कृषि ऋण माफी योजना को तुरंत लागू करने और नयी फसल के लिए ऋण उपलब्ध कराने की भी मांग की।

पवार ने पत्र में उन किसानों के लिए प्रोत्साहन राशि 50,000 रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये करने की मांग की जो नियमित रूप से कर्ज चुकाते हैं। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने 2025-26 में फसल ऋण लिया था लेकिन इस साल भुगतान नहीं कर पाए, उन्हें भी कर्ज माफी योजना में शामिल किया जाए।

पवार ने एक रुपये वाली फसल बीमा योजना को पिछली तारीख से लागू करने और पिछले साल बेमौसम बारिश से फसल के नुकसान के लिए घोषित ₹17,000 प्रति हेक्टेयर की सहायता राशि तुरंत जारी करने की भी मांग की।

राकांपा(शप) अध्यक्ष ने सूखे जैसे हालात का सामना कर रहे इलाकों के लिए रोजगार गारंटी योजना के तहत खेती और जल संरक्षण से जुड़े विशेष योजनाएं संचालित करने और बागों को बचाने के लिए पानी के टैंकर की व्यवस्था करने की मांग की।

पवार ने कहा कि राज्य के 36 में से 31 जिलों में औसत से काफी कम बारिश हुई है। उन्होंने कहा कि एक जून से 15 सितंबर के बीच राज्य में 648 मिमी बारिश हुई, जो औसत से 19 प्रतिशत है।

उन्होंने कहा कि मुंबई, रायगढ़, पालघर और विदर्भ सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में शामिल हैं, और कुछ जिलों में पिछले तीन महीनों के दौरान बारिश सामान्य से लगभग 60 प्रतिशत कम हुई।

पवार ने कहा कि विदर्भ में बुवाई का क्षेत्र जो पिछले साल अगस्त के आखिर तक लगभग 50.04 लाख हेक्टेयर था, वह इस साल घटकर लगभग 47.5 लाख हेक्टेयर रह गया है।

भाषा धीरज रंजन

रंजन