Raipur Prayas institution case: आधी रात बच्चे को निकाला हॉस्टल से..अचानक थमाई गई TC, आरोप सुनकर बाल संरक्षण आयोग के भी उड़े होश, जानें क्या है पूरा मामला

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Raipur Prayas institution case: आधी रात बच्चे को निकाला हॉस्टल से..अचानक थमाई गई TC, आरोप सुनकर बाल संरक्षण आयोग के भी उड़े होश, जानें क्या है पूरा मामला

Raipur Prayas institution case | Photo Credit: IBC24

HIGHLIGHTS
  • तांत्रिक क्रिया के आरोप में बच्चे को हॉस्टल से निकाला
  • अचानक थमाई गई TC
  • आयोग ने लिया मामले का संज्ञान

रायपुर: Raipur Prayas institution case राजधानी रायपुर में तांत्रिक क्रिया करने के आरोप में प्रयास संस्था (Prayas School Raipur) से एक बच्चे को बाहर निकाले जाने (student removed from hostel) के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। अब बाल संरक्षण आयोग ने मामले में संज्ञान लिया है। आज बाल संरक्षण आयोग की डीसीपीयू यूनिट प्रयास (DCPU investigation Raipur) संस्था पहुंचेगी और पूरे मामले की जांच करेगी। आयोग की टीम बच्चे से जुड़े पूरे घटनाक्रम, संस्था में उसके साथ हुए व्यवहार और लगाए गए आरोपों की पड़ताल करेगी।

Raipur Prayas institution case मामले को लेकर बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा ने कहा है कि उनकी बच्चे के पिता से फोन पर बातचीत हुई है। अब डीसीपीयू की पूरी यूनिट मामले की स्पष्ट रूप से जांच करेगी। अध्यक्ष वर्णिका शर्मा के मुताबिक, बच्चों के ऊपर इस तरह की कार्रवाई या इस प्रकार की शब्दावली का इस्तेमाल किया जाना क्रूरता की श्रेणी में आता है। अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो आयोग कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ेगा। आयोग की यूनिट से पूरे मामले की प्रतिवेदन रिपोर्ट भी मंगाई जाएगी। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। बाल संरक्षण आयोग ने साफ किया है कि जेजे एक्ट यानी किशोर न्याय अधिनियम के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जानिए क्या है पूरा मामला

दरअसल, संस्था के प्रबंधन पर आरोप लगा है कि उन्होंने 9वीं कक्षा में पढ़ने वाले 13 साल के एक मासूम छात्र को तांत्रिक क्रिया करने का आरोप लगाकर आधी रात में हॉस्टल से बाहर निकाल दिया है। महासमुंद जिले के किसान के बेटे को आनन-फानन में टीसी थमा दी गई। परिजनों का गंभीर आरोप है कि संस्था की प्राचार्य ने उन्हें डरा-धमकाकर जबरन कागजों पर दस्तखत करवाए हैं। मामले की शिकायत मुख्यमंत्री शिकायत सेल में दर्ज करा दी गई है।

परिजनों ने लगाया आरोप

रायपुर के प्रयास संस्था में महज 14 दिन पहले 3 सितंबर को एक किसान के 13 साल के बेटे का एडमिशन हुआ था लेकिन अचानक प्रबंधन ने परिजनों को बुलाकर फरमान सुना दिया कि उनका बच्चा हॉस्टल में रात 2 बजे तक जागकर तांत्रिक क्रिया करता है। परिजनों का सवाल है कि जिस बच्चे का एडमिशन हुए दो हफ्ते भी नहीं हुए, उसके क्रियाकलापों का ऐसा आकलन प्रबंधन ने बिना किसी पूर्व सूचना या चेतावनी के कैसे कर लिया?

बच्चे के माता-पिता का आरोप है कि उन्हें संस्था की प्राचार्य द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और डरा-धमकाकर जबरन कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए गए। इसके बाद मासूम को हॉस्टल से बाहर निकाल कर उसके हाथ में टीसी थमा दी गई। इसके अलावा पूर्व में कभी भी प्रबंधन ने बच्चे को लेकर ऐसी कोई शिकायत परिजनों को सीधे या किसी भी माध्यम से नहीं की गई। बल्कि परिजनों ने जब बच्चे पर लगे आरोप की पुष्टि हॉस्टल के बाकी बच्चों से करनी चाही तो हॉस्टल के बच्चों ने इस तरह के किसी भी कृत करने से इंकार कर दिया।

परिजनों ने मुख्यमंत्री शिकायत सेल में कराई शिकायत

संस्था के इस अमानवीय और अजीबोगरीब रवैए से आहत परिजन अब अपने बच्चे को लेकर महासमुंद लौट गए हैं। मासूम के उज्ज्वल भविष्य पर लगे इस झूठे दाग और प्रबंधन की मनमानी के खिलाफ परिजनों ने मुख्यमंत्री शिकायत सेल में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

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मामला किस संस्था से जुड़ा है?

रायपुर की प्रयास संस्था।

बच्चे पर क्या आरोप लगाया गया?

रात में जागकर तांत्रिक क्रिया करने का।

बच्चे की उम्र कितनी है?

13 साल, 9वीं कक्षा का छात्र।