मुंबई में स्वाभाविक मौत के बाद परिजनों ने चार साल तक शव संरक्षित रखा : पुलिस

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मुंबई में स्वाभाविक मौत के बाद परिजनों ने चार साल तक शव संरक्षित रखा : पुलिस

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  • Publish Date - September 30, 2026 / 04:36 PM IST,
    Updated On - September 30, 2026 / 04:36 PM IST

मुंबई, 30 सितंबर (भाषा) पुलिस ने बुधवार को बताया कि मुंबई में चार साल पहले मृत 80 वर्षीय व्यक्ति के परिवार ने उनके शव को ‘गहरे भावनात्मक लगाव’ के कारण संरक्षित रखा है और इस प्रक्रिया में 50 लाख रुपये से अधिक खर्च कर दिए हैं।

पुलिस ने किसी तरह की गड़बड़ी से इनकार करते हुए कहा कि व्यक्ति की 2022 में कैंसर, गुर्दों के खराब होने और उम्र संबंधी अन्य बीमारियों से मौत हो गई थी।

कुरार पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि परिवार ने शुरुआत में शव को मुंबई के मलाड इलाके स्थित अपने घर में एक फ्रीजर में रखा था।

पुलिस के अनुसार, व्यक्ति की पत्नी और उनके दो बच्चों (जिनमें एक वकील बेटी भी शामिल है) ने गहरे भावनात्मक लगाव के कारण अंतिम संस्कार नहीं करने का फैसला किया। जब उनकी आवासीय इमारत का पुनर्विकास शुरू हुआ, तो परिवार ने शव को एक स्थानीय डिस्पेंसरी में रख दिया, जो करीब एक महीने पहले बंद हो गई।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘परिवार ने शव को संरक्षित रखने के लिए 50 लाख रुपये से अधिक खर्च किए हैं और वह इसे अमेरिका की ऐसी सुविधा में भेजने के विकल्प तलाश रहा था, जहां लंबे समय तक क्रायोप्रिजर्वेशन की सुविधा उपलब्ध है।’

क्रायोप्रिजर्वेशन का सामान्य अर्थ कोशिकाओं, ऊतकों या अंगों को बेहद कम तापमान पर संरक्षित रखना है।

यह असामान्य मामला पुलिस को मिली एक सूचना के बाद सामने आया। रिश्तेदारों और पड़ोसियों को इस व्यवस्था की जानकारी थी और पुलिस ने किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि से इनकार करते हुए कहा कि व्यक्ति की मौत स्वाभाविक कारणों से हुई थी।

अधिकारी ने बताया कि इस मामले में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। परिवार फिलहाल यह तय कर रहा है कि शव को विदेश भेजने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए या अंतिम संस्कार किया जाए।

भाषा Intern वैभव

वैभव