मुंबई, 10 जून (भाषा) मुंबई की एक विशेष अदालत ने रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड से जुड़े एक कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (एडीएजी) के पूर्व प्रबंध निदेशक अमिताभ झुनझुनवाला को बुधवार को 12 जून तक केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की हिरासत में भेज दिया।
झुनझुनवाला इससे पहले अनिल अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड के खिलाफ भारतीय स्टेट बैंक की शिकायत के आधार पर दर्ज एक मामले में न्यायिक हिरासत में थे।
इस मामले में कंपनी पर कथित तौर पर 2,929.05 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
विशेष सीबीआई अदालत के न्यायाधीश जे.पी. दारेकर के सामने बुधवार को उन्हें पेश किया गया और केंद्रीय एजेंसी ने आरसीएफएल से जुड़े मामले में उनकी हिरासत मांगी।
सीबीआई के अनुसार, आरसीएफएल, उसके निदेशकों और अज्ञात सरकारी अधिकारियों ने मिलकर 31 बैंकों और वित्तीय संस्थानों के एक समूह (कंसोर्टियम) के साथ धोखाधड़ी की साजिश रची; इस समूह से कंपनी ने कुल मिलाकर लगभग 9,280 करोड़ रुपये का ऋण लिया था।
नवंबर 2025 में बैंक ऑफ महाराष्ट्र को 57.47 करोड़ रुपये का नुकसान होने के बाद, बैंक की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर यह जांच शुरू की गई थी।
सीबीआई ने कहा कि बाद में कई अन्य बैंकों से प्राप्त शिकायतों को प्राथमिकी में जोड़ा गया।
झुनझुनवाला की हिरासत की मांग करते हुए, सरकारी वकील जितेंद्र शर्मा ने कहा कि उन्होंने प्रबंध निदेशक के तौर पर एडीएजी के कॉर्पोरेट फाइनेंस का कामकाज संभाला था और इस तरह वित्तीय गड़बड़ी में अहम भूमिका निभाई थी।
झुनझुनवाला के वकीलों, मुदित जैन और जैस्मिन ने कहा कि उन्हें बलि का बकरा बनाया गया है।
बचाव पक्ष ने कहा कि झुनझुनवाला ने 2019 में समूह छोड़ दिया था और उसके बाद कंपनी के किसी भी दस्तावेज़ या रिकॉर्ड तक उनकी कोई पहुंच नहीं थी।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने उन्हें 12 जून तक सीबीआई की हिरासत में भेज दिया।
भाषा प्रशांत जोहेब
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