टीईटी पेपर लीक: कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई ने मंत्री भुसे के इस्तीफे की मांग की

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टीईटी पेपर लीक: कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई ने मंत्री भुसे के इस्तीफे की मांग की

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  • Publish Date - July 27, 2026 / 08:05 PM IST,
    Updated On - July 27, 2026 / 08:05 PM IST

मुंबई, 27 जुलाई (भाषा) कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई ने सोमवार को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे के इस्तीफे की मांग की।

कांग्रेस की छात्र शाखा नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) की महाराष्ट्र इकाई ने साझा प्रवेश परीक्षा (सीईटी) में कथित अनियमितताओं को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा।

एनएसयूआई की महाराराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष सागर सालुंखे ने कहा, ‘भाजपा नीत सरकार की अक्षमता के कारण लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों को मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ी है और उनके सपने टूट गए हैं। इसके बावजूद शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने इस विफलता की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की है।’

दादा भुसे के इस्तीफे की मांग ऐसे समय उठी है, जब नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को इस्तीफा दिया था।

युवा कांग्रेस की मुंबई इकाई की अध्यक्ष जीनत शबरीन ने चेतावनी दी कि यदि दादा भुसे अगले सात दिनों के भीतर नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा नहीं देते हैं, तो कांग्रेस के छात्र संगठन समान विचारधारा वाले दलों और संगठनों के साथ मिलकर राज्यव्यापी उग्र आंदोलन शुरू करेंगे।

सालुंखे ने आरोप लगाया कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और भाजपा-महायुति सरकार ने इसे जनसेवा के बजाय कमाई का जरिया बना दिया है।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों को बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) की जिम्मेदारी सौंप दी गई है, जिससे स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और छात्रों की शिक्षा पर बुरा असर पड़ रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि अत्यधिक कार्यभार का शिक्षकों के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।

उन्होंने काम के दबाव के कारण मुंबई में एक शिक्षक की कथित मौत का भी उल्लेख किया।

सालुंखे ने दावा किया कि स्कूल शिक्षा विभाग, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग तीनों ही प्रशासनिक अव्यवस्था से जूझ रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि नंदुरबार जिले में आदिवासी छात्रों के साथ धोखाधड़ी की जा रही है और उनसे हजारों रुपये वसूले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्यभर में फर्जी नर्सिंग स्कूलों की संख्या बढ़ती जा रही है।

सालुंखे ने यह भी आरोप लगाया कि पुणे के सीईओपी कॉलेज में छात्रों से 81,000 रुपये विकास शुल्क, 22,000 रुपये प्रयोगशाला शुल्क और 17,000 रुपये ट्यूशन फीस के नाम पर वसूले जा रहे हैं।

उन्होंने उच्च शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल पर अत्यधिक शुल्क वसूली के जरिए छात्रों के शोषण को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।

एनएसयूआई नेता ने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग अब शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि राजस्व कमाने का जरिया बन गया है।

भाषा

राखी दिलीप

दिलीप