पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं खेल प्रशासक सुरेश कलमाड़ी का निधन

पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं खेल प्रशासक सुरेश कलमाड़ी का निधन

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  • Publish Date - January 6, 2026 / 06:05 PM IST,
    Updated On - January 6, 2026 / 06:05 PM IST

(तस्वीरों के साथ)

पुणे, छह जनवरी (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश कलमाड़ी का लंबी बीमारी के बाद मंगलवार तड़के पुणे में निधन हो गया। वह 81 वर्ष के थे।

कलमाड़ी के पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि उन्होंने करीब तीन बजकर 30 मिनट पर अंतिम सांस ली।

राजनीति और खेल प्रशासन में उनका लंबा करियर रहा।

भारत के सबसे प्रभावशाली खेल प्रशासकों में से एक कलमाड़ी दो दशकों से अधिक समय तक खेल प्रशासन में विभिन्न भूमिकाओं में रहे। भारतीय खेलों पर उनकी पकड़ ने सफलता और विवाद दोनों को जन्म दिया।

वह रेल राज्य मंत्री भी रहे और उन्होंने भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष के रूप में भी सेवाएं दीं।

मद्रास में 1944 में जन्मे कलमाड़ी ने पुणे के फर्ग्यूसन कॉलेज से पढ़ाई की। बाद में उन्होंने इस शहर का संसद में प्रतिनिधित्व किया।

राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र और 1971 के भारत-बांग्लादेश युद्ध में भाग लेने वाले वायु सेना के पायलट कलमाड़ी 1982 में सांसद बने। वह चार बार राज्यसभा के सदस्य रहे। लोकसभा में उन्होंने तीन बार पुणे का प्रतिनिधित्व किया।

शरद पवार की नजर उन पर पड़ी थी और उसके बाद उनका राजनीतिक सफर शुरू हुआ। उन्हें पुणे युवा कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। बाद में वह संजय गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के करीब आ गए।

सन् 1980 के दशक में कांग्रेस के विभाजन के बाद कलमाड़ी कांग्रेस के साथ रहे तथा 1982, 1988, 1994 और 1998 में राज्यसभा के लिए चुने गए।

उन्होंने पी.वी. नरसिंह राव की सरकार में 1995 से 1996 तक रेल राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया। वह रेल बजट प्रस्तुत करने वाले एकमात्र रेल राज्य मंत्री थे। उनके कार्यकाल के दौरान पुणे रेलवे मंडल की स्थापना हुई और शहर से कई लंबी दूरी की ट्रेन शुरू की गईं।

कांग्रेस ने 1997 में उन्हें पुणे से लोकसभा का टिकट नहीं दिया। तब उन्होंने पुणे विलास अघाड़ी नामक पार्टी बना ली।

उस चुनाव में भाजपा ने भी कांग्रेस उम्मीदवार विठ्ठल तुपे के खिलाफ कलमाड़ी का समर्थन किया था। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी उनके लिए प्रचार करने आए और उन्होंने फर्ग्यूसन कॉलेज के मैदान में एक जनसभा की। हालांकि, कलमाड़ी उस चुनाव में हार गये।

कलमाड़ी का भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के प्रमुख के रूप में कार्यकाल 1996 से 2011 तक चला। उन पर 2011 में राष्ट्रमंडल खेल (सीडब्ल्यूजी) के आयोजन में भ्रष्टाचार के आरोप लगे, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें गिरफ्तार किया गया।

हालांकि, इस साल अप्रैल में प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में ‘क्लोजर रिपोर्ट’ दाखिल कर उन्हें क्लीन चिट दे दी।

कलमाड़ी के नेतृत्व में, नयी दिल्ली में 2010 राष्ट्रमंडल खेलों और पुणे में 2008 राष्ट्रमंडल युवा खेलों समेत कई प्रमुख खेल आयोजनों के साथ-साथ कई राज्यों में राष्ट्रीय खेलों का आयोजन किया गया।

कलमाड़ी ने पुणे को एक प्रमुख आईटी, औद्योगिक और खेल केंद्र में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उनकी पहल में बालेवाड़ी खेल परिसर, पुणे महोत्सव, पुणे अंतरराष्ट्रीय मैराथन, पुणे अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव और पुणे मेट्रो परियोजना के लिए मंजूरी प्राप्त करना शामिल रहा। उन्होंने शहर के विकास के लिए लगभग 2,500 करोड़ रुपये की केंद्रीय निधि की व्यवस्था भी की।

कलमाड़ी के परिवार में उनकी पत्नी, बेटा और बहू, दो विवाहित बेटियां और दामाद तथा पोते-पोतियां हैं।

उपमुख्यमंत्री अजित पवार, भाजपा मंत्री चंद्रकांत पाटिल और स्थानीय सांसद मुरलीधर मोहोल समेत सभी दलों के नेता कार्वे रोड स्थित कलमाड़ी के आवास पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए पहुंचे।

कलमाड़ी का दोपहर बाद नवी पेठ स्थित वैकुंठ श्मशान में अंतिम संस्कार किया गया।

अनुभवी नेता और राकांपा (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने कहा कि देश ने एक अनुभवी नेता खो दिया है, जो संघर्षों से परिपूर्ण थे और उन्होंने सार्वजनिक जीवन की एक लंबी विरासत को आगे बढ़ाया।

राकांपा (एसपी) नेता ने कहा कि राजनीति में मतभेद, संघर्ष और आलोचना अपरिहार्य हैं, ऐसी परिस्थितियों में भी उन्होंने कभी लोकतांत्रिक मूल्यों से समझौता नहीं किया।

अपने शोक संदेश में अजित पवार ने कहा कि कलमाडी ने पुणे के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उनके निधन से शहर के राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में एक शून्य उत्पन्न हो गया है।

भाषा राजकुमार अविनाश

अविनाश