Indore Water Tragedy/ image source: IBC24 File Photo
इंदौर: इंदौर में दूषित पानी पीने से 17 लोगों की मौत के मामले में कांग्रेस नेताओं ने आज भागीरथपुरा क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा और पूरे क्षेत्र में बेरिकेडिंग कर दी गई। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के प्रवेश को लेकर सख्त व्यवस्था देखी गई, हालांकि बाद में कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवारों के घर-घर जाकर उनसे मुलाकात करता नजर आया।
कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, अमित पटेल, रीना बौरासी सेठिया, चिंटू चौकसे और विपिन वानखेड़े शामिल थे। नेताओं ने पीड़ित परिवारों से मिलकर उनका हाल जाना और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिया। इस दौरान स्थानीय लोगों में गुस्सा और नाराजगी भी देखने को मिली।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि यह घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि हत्याओं जैसा मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण लोगों को गंदा पानी पीना पड़ा, जिससे उन्हें अपने परिजनों की जान गंवानी पड़ी। पटवारी ने कहा कि इससे अधिक दुखद और कुछ नहीं हो सकता कि निर्दोष लोग ऐसी घटनाओं का शिकार हो रहे हैं।
जीतू पटवारी ने एक्स (X) पर भी पोस्ट कर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि अब तक की गई कार्रवाई केवल लीपापोती है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने साफ तौर पर मांग की कि जिन परिवारों ने अपने परिजन खोए हैं, उन्हें एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी मांग रखी कि इंदौर के महापौर पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए।