ढाका/नयी दिल्ली, छह जनवरी (भाषा) बांग्लादेश की सबसे बड़ी इस्लामी पार्टी ने कहा कि देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए अभी भी अनुकूल हालात नहीं है, और उसने अंतरिम सरकार के एक वर्ग पर ‘‘खास राजनीतिक दल’’ का पक्ष लेने का आरोप लगाया।
सोमवार को ढाका में आयोजित जमात-ए-इस्लामी की केंद्रीय कार्यकारी परिषद की उच्च स्तरीय बैठक के दौरान की गई ये टिप्पणियां 12 फरवरी को होने वाले महत्वपूर्ण आम चुनाव से पहले तेजी से बदलते राजनीतिक परिदृश्य के बीच आई हैं।
देश के कड़े आतंकवाद रोधी कानून के तहत पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग को चुनाव लड़ने से रोक दिए जाने के बाद, दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) को अगली सरकार बनाने की दौड़ में सबसे अग्रणी माना जा रहा है।
जमात-ए-इस्लामी 2001-2006 के दौरान बीएनपी की गठबंधन सहयोगी थी। अब वह आगामी चुनावों में बीएनपी के मुख्य प्रतिद्वंद्वी के रूप में उभरी है।
‘ढाका ट्रिब्यून’ अखबार की खबर के अनुसार, जमात प्रमुख डॉ. शफीकुर रहमान की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद जारी एक बयान में कहा गया कि परिषद ने आगामी संसदीय चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक हालात की समीक्षा की।
किसी संगठन का नाम लिए बिना, बयान में कहा गया कि जमात को कई क्षेत्रों से शिकायतें मिली हैं, जिनमें आरोप लगाया गया है कि कुछ सरकारी अधिकारी एक ‘खास राजनीतिक दल’ के पक्ष में काम कर रहे हैं।
पार्टी नेताओं ने देश के विभिन्न हिस्सों में नेताओं और कार्यकर्ताओं की लगातार हो रही हत्याओं पर चिंता व्यक्त की। जमात ने दावा किया कि देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के लिए अनुकूल माहौल अभी तक कायम नहीं हो पाया है।
जमात ने निर्वाचन आयोग और कानून लागू करने वाली एजेंसियों से ‘पूरी निष्पक्षता’ के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करने का आह्वान किया और सरकार से स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों को सुगम बनाने के लिए कानून और व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
भाषा आशीष दिलीप
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