पुणे, छह जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र के अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) ने पुणे के मुंधवा भूमि सौदा मामले की आरोपी शीतल तेजवानी को पिंपरी-चिंचवड स्थित सेवा विकास सहकारी बैंक से लिये ऋण को नहीं चुकाने और धोखाधड़ी के एक मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह जानकारी दी।
तेजवानी पुणे के मुंधवा इलाके में सरकारी जमीन को ‘अमाडिया एंटरप्राइजेज एलएलपी’ को बेचने का आरोप है और इस कंपनी में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता एवं महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बेटे पार्थ पवार सह-भागीदार हैं। भूमि सौदे के मामले में उनके पास ‘पावर ऑफ अटॉर्नी’ थी।
पुलिस ने बताया कि तेजवानी भूमि सौदे मामले में न्यायिक हिरासत में है और वहीं से उन्हें 7.25 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण नहीं चुकाने से जुड़े इस मामले में गिरफ्तार किया गया।
सोमवार को एक अदालत ने तेजवानी को छह जनवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
सीआईडी के अनुसार, तेजवानी ने वाहन खरीदने और कारोबार बढ़ाने के लिए बैंक से कई ऋण लिए थे, लेकिन इन रकम का उपयोग कथित तौर पर अनधिकृत उद्देश्यों के लिए किया गया।
पुलिस के मुताबिक, “रेंज रोवर जैसी लग्जरी गाड़ी खरीदने हेतु लिए गए तीन करोड़ रुपये के ऋण से तेजवानी ने कथित तौर पर एक पुरानी लेम्बोर्गिनी खरीदी, जबकि कारोबार बढ़ाने के उद्देश्य से लिए गए दो करोड़ रुपये सह-आरोपी के खाते में अंतरित कर दिए गए। वाहन खरीदने हेतु लिए गए 2.25 करोड़ रुपये के एक अन्य ऋण की राशि भी दूसरे आरोपी के बचत खाते में अंतरित कर दी गई।”
पुलिस ने बताया कि इस मामले में तेजवानी पर ब्याज सहित कुल 20.49 करोड़ रुपये का बकाया है।
यह मामला सेवा विकास सहकारी बैंक में सामने आए एक बड़े ऋण घोटाले का हिस्सा है, जिसमें 238 करोड़ रुपये के ऋण गैर-निष्पादित आस्तियां (एनपीए) में बदल गए। बैंक के 67 कर्जधारक के 104 ऋण खातों पर ब्याज सहित कुल 436.98 करोड़ रुपये बकाया है।
पुलिस के अनुसार, अकेले तेजवानी ने छह ऋण खातों का बकाया नहीं चुकाया है। जांच में यह भी सामने आया है कि लेम्बोर्गिनी गाड़ी के लिए कथित तौर पर एक फर्जी पंजीकरण प्रमाण पत्र (आरसी) तैयार किया गया था, जबकि वाहन का क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में कभी पंजीकरण ही नहीं हुआ था।
भाषा खारी जोहेब
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