wrong side driving rules/ image source: IBC24
दिल्ली: सड़कों पर रोजाना लाखों वाहन चलते हैं और जरा-सी लापरवाही कई लोगों की जान खतरे में डाल सकती है। हाल ही में कैंट थाना इलाके में Wrong Side Driving का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसके बाद ट्रैफिक नियमों को लेकर बड़ी सख्ती देखने को मिली है। इस मामले में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सिर्फ चालान ही नहीं काटा, बल्कि सीधे एफआईआर दर्ज कर दी। पुलिस का दावा है कि यह देश का पहला मामला है, जिसमें Wrong Side Driving पर आपराधिक केस दर्ज किया गया है।
घटना 3 जनवरी की बताई जा रही है। कुसुमपुर पहाड़ी निवासी अमन अपनी कार से कैंट इलाके में जा रहा था। हनुमान मंदिर रेड लाइट के पास उसने अचानक Wrong Side Driving शुरू कर दी। इससे सामने से आ रहे वाहनों को अचानक ब्रेक लगाने पड़े और बड़ा हादसा होते-होते बचा। मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस ने स्थिति को गंभीर मानते हुए कार्रवाई की।
ASI सुनील कुमार की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि आरोपी के पास न तो ड्राइविंग लाइसेंस था और न ही कार का बीमा। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 281 के तहत एफआईआर दर्ज की। साथ ही मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 3/181, 146 और 196 भी लगाई गई हैं। पहले ऐसे मामलों में आमतौर पर सिर्फ चालान काटा जाता था, लेकिन इस बार पुलिस ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए आपराधिक कार्रवाई की है।
बीएनएस की धारा 281 तेज और लापरवाह Wrong Side Driving से दूसरों की जान को खतरे में डालने से जुड़ी है। पहले यही धारा आईपीसी 279 के नाम से जानी जाती थी। इस कानून के तहत दोषी पाए जाने पर 6 महीने तक की जेल, 1000 रुपये तक जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है।
मोटर व्हीकल एक्ट के तहत Wrong Side Driving पर पहली बार 5000 रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। दूसरी बार पकड़े जाने पर 10,000 रुपये तक जुर्माना और लाइसेंस सस्पेंड होने का प्रावधान है। अगर ड्राइवर के पास लाइसेंस नहीं है, तो अलग से सजा दी जाती है। बीमा न होने पर भी जुर्माने के साथ जेल तक का प्रावधान है।
पुलिस अधिकारियों का साफ कहना है कि अब Wrong Side Driving को मामूली गलती नहीं माना जाएगा। अगर इससे सड़क पर दूसरों की जान को खतरा होता है, तो चालान के साथ एफआईआर भी दर्ज की जाएगी। यह कदम सड़क सुरक्षा को लेकर एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।