नागपुर, 18 जून (भाषा) मध्य प्रदेश के एक इस्लामिक धर्मगुरु ने ‘जबरन धर्मांतरण’ और दुष्कर्म से जुड़े मामले में फरार रहने के बाद नागपुर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, आरोपी हजरत मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के तामिया क्षेत्र का निवासी है, जिसने बुधवार देर रात नागपुर के सोनेगांव पुलिस थाने में आत्मसमर्पण किया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, “हमने उसकी तलाश के लिए कई टीमें गठित की थीं। हमारे अधिकारी पिछले कई दिनों से तामिया में मौजूद थे। जैसे-जैसे दबाव बढ़ा, उसने अंततः आत्मसमर्पण कर दिया।”
पुलिस का कहना है कि आरोपी पर 24 वर्षीय महिला के कथित जबरन धर्मांतरण में मदद करने और उसका ‘निकाह’ कराने का आरोप है। यह महिला एक रक्षाकर्मी की पूर्व पत्नी बताई जा रही है।
इस मामले में मुख्य आरोपी अयाज ताज मदारे (26) और सह-आरोपी आमिर मेहमूद शेख (30) पहले से ही पुलिस हिरासत में हैं।
अधिकारी ने कहा, “हम हजरत को अदालत में पेश कर पुलिस हिरासत की मांग करेंगे। पूछताछ महत्वपूर्ण है ताकि मामले में उसकी भूमिका और घटनाओं की कड़ी को समझा जा सके।”
पुलिस ने दोनों अन्य आरोपियों की हिरासत 21 जून तक बढ़ा दी है।
जांच एजेंसियां मोबाइल फोन, सिम कार्ड, सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कर रही हैं।
इसके साथ ही पुलिस महिला के साथ कथित तौर पर हुई जबरन वसूली, आपत्तिजनक वीडियो के प्रसार और उसे नशीला पदार्थ दिए जाने के आरोपों की भी जांच कर रही है।
कथित अपराध कब हुए, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
भाषा मनीषा रंजन
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