एफडब्ल्यूआईसीई के निर्देश रणवीर सिंह की फिल्मों के लिए मुसीबत खड़ी कर सकते हैं : विशेषज्ञ

एफडब्ल्यूआईसीई के निर्देश रणवीर सिंह की फिल्मों के लिए मुसीबत खड़ी कर सकते हैं : विशेषज्ञ

एफडब्ल्यूआईसीई के निर्देश रणवीर सिंह की फिल्मों के लिए मुसीबत खड़ी कर सकते हैं : विशेषज्ञ
Modified Date: May 26, 2026 / 10:26 pm IST
Published Date: May 26, 2026 10:26 pm IST

मुंबई, 26 मई (भाषा) अभिनेता रणवीर सिंह फिलहाल किसी फिल्म में काम नहीं कर रहे हैं। अगर वह कर रहे होते, तो ‘फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज़’ (एफडब्ल्यूआईसीई) द्वारा अपने चार लाख से अधिक कर्मचारियों को उनके साथ काम न करने के निर्देश के बाद उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता।

यह एक ‘असहयोग निर्देश’ है, जिससे उनकी फिल्मों को गंभीर नुकसान हो सकता था।

केएस लीगल एंड एसोसिएट्स की प्रबंध साझेदार सोनम चंदवानी ने बताया कि हालांकि इस तरह का आदेश किसी व्यक्ति की काम करने की स्वतंत्रता पर रोक नहीं लगा सकता, लेकिन इससे उनकी फिल्मों के संचालन में दिक्कतें जरूर आ सकती हैं।

एफडब्ल्यूआईसीई के अध्यक्ष बी एन तिवारी ने कहा, “जब तक वह हमारे साथ बैठक में शामिल नहीं होते, तब तक हमारा कोई भी सदस्य उनके साथ काम नहीं करेगा। वह फिलहाल किसी फिल्म की शूटिंग नहीं कर रहे हैं। अगर वह काम शुरू करते हैं, तो हम सुनिश्चित करेंगे कि हमारा कोई सदस्य उनके साथ काम न करे।”

एफडब्ल्यूआईसीई की स्थापना 1956 में हुई थी और यह भारत में फिल्म एवं टेलीविजन कर्मियों का प्रमुख ट्रेड यूनियन संगठन है। यह संस्था स्पॉट बॉय, कैमरापर्सन, साउंड इंजीनियर और संपादकों सहित अपने सदस्यों के हितों की देखरेख करने के अलावा कलाकारों, तकनीशियनों और प्रोडक्शन हाउस के बीच उत्पन्न विवादों में मध्यस्थता भी करती है।

एफडब्ल्यूआईसीई ने सोमवार को कहा था कि उसके सदस्य अभिनेता रणवीर सिंह के साथ काम नहीं करेंगे, क्योंकि उन्होंने फरहान अख्तर की फिल्म ‘डॉन 3’ से अंतिम समय में खुद को अलग कर लिया।

चंदवानी के अनुसार, एफडब्ल्यूआईसीई का निर्देश फिल्म उद्योग में “प्रभावशाली और परिचालन स्तर पर असरदार” हो सकता है, लेकिन इसकी कानूनी बाध्यता पूर्ण नहीं है।

उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “सख्त कानूनी दृष्टिकोण से देखें तो ‘असहयोग निर्देश’ स्वतः किसी के संविदात्मक अधिकारों को निरस्त नहीं कर सकता और न ही किसी व्यक्ति की काम करने की स्वतंत्रता पर रोक लगा सकता है। भारतीय कानून के तहत ऐसा कोई भी प्रतिबंध, जो किसी पेशेवर को वैध रोजगार या पेशा अपनाने से प्रभावी रूप से रोकता हो, उसे मनमाना या संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ग) की भावना के विपरीत बताकर चुनौती दी जा सकती है। यह अनुच्छेद किसी भी पेशे को अपनाने या कोई व्यवसाय, व्यापार अथवा कारोबार करने के अधिकार की रक्षा करता है।”

भाषा

राखी दिलीप

दिलीप


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