मैं कोई मशहूर हस्ती नहीं हूं, मैं बस अपना दायित्व निभा रहा हूं: महाराष्ट्र एफडीए आयुक्त मुंढे

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मैं कोई मशहूर हस्ती नहीं हूं, मैं बस अपना दायित्व निभा रहा हूं: महाराष्ट्र एफडीए आयुक्त मुंढे

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  • Publish Date - August 26, 2026 / 08:24 PM IST,
    Updated On - August 26, 2026 / 08:24 PM IST

मुंबई, 26 अगस्त (भाषा) खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई करने पर सुर्खियों में छाये रहने के बावजूद महाराष्ट्र खाद्य एवं औषध प्रशासन (एफडीए) के आयुक्त तुकाराम मुंढ़े का कहना है कि वह कोई मशहूर हस्ती नहीं हैं बल्कि वह बस अपना काम कर रहे हैं।

बुधवार को मुंबई प्रेस क्लब द्वारा आयोजित ‘प्रेस से मिलिए’ कार्यक्रम में मुंढ़े ने व्यक्तियों पर निर्भरता के बजाय संस्थागत प्रणालियों की जरूरत पर बल दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘हम हमेशा एक तंत्र को पटरी पर रखने की कोशिश करते हैं। तंत्र तो पहले से मौजूद हैं और हमें बस उन्हें बेहतर बनाने की जरूरत है। अगर नए तंत्र बनाने की जरूरत हो, तो हम उसके लिए कोशिश करते हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि तंत्र काम करना चाहिए। कोई व्यक्ति सबसे ज्यादा जरूरी नहीं होना चाहिए।’’

भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारी मुंढ़े ने कहा कि डिजिटल प्रौद्योगिकी का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है ताकि प्रणालियां व्यक्तियों के कार्यकाल के बाद भी काम करती रहें।

मुंढ़े ने इस साल मई में एफडीए आयुक्त का पदभार संभाला था।

जब उनसे उनकी सार्वजनिक छवि के बारे में पूछा गया तो उन्होंने साफ कहा, ‘‘मैं कोई मशहूर हस्ती नहीं हूं। मैं असल में एफडीए महाराष्ट्र का संयुक्त सचिव और आयुक्त हूं। इस बारे में मेरा नज़रिया बिल्कुल साफ़ है।’’

उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि हर अधिकारी और विभाग इस काम में अपना योगदान दे रहा है।

मुंढे की देखरेख में एफडीए ने खाद्य सुरक्षा के नियमों के उल्लंघन के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है।

उन्होंने कहा कि एफडीए आयुक्त के तौर पर उनकी मुख्य प्राथमिकता सुरक्षित भोजन सुनिश्चित करना और खान-पान की स्वस्थ आदतों को बढ़ावा देना है।

उन्होंने कहा, ‘‘यहां मेरा एक ही मकसद है – महाराष्ट्र के लोगों की सेवा करना और सुरक्षित खाद्य पदार्थ सुनिश्चित करना। अगर मेरा कोई मकसद है, तो बस यही है। एफडीए आयुक्त के तौर पर मेरा यही एकमात्र मकसद है।’’

उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा नियामक निष्पक्षता और पारदर्शिता के लिए प्रतिबद्ध है तथा वह नियमित रूप से निरीक्षण और की गई कार्रवाई की जानकारी, साथ ही फ़ोटो और वीडियो भी जारी करता है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम निष्पक्ष और पारदर्शी बने रहने के लिए यहां हैं।’’

मध्य महाराष्ट्र के बीड ज़िले के 2005 बैच के आईएएस अधिकारी का नौकरशाही में 21 साल के करियर के दौरान 24 बार तबादला हो चुका है।

इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे सरकार पर भरोसा है, इसलिए मैं अभी भी काम कर रहा हूं। लेकिन मेरे तबादले के बारे में आप गलत व्यक्ति से पूछ रहे हैं। स्थानांतरण का फ़ैसला लेने वाला अधिकारी मैं नहीं हूं। सक्षम अधिकारी ही यह तय करेगा।’’

भाषा राजकुमार नरेश

नरेश