अगर शरद पवार राज्यसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं, तो एमवीए को चर्चा करनी होगी : राउत

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अगर शरद पवार राज्यसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं, तो एमवीए को चर्चा करनी होगी : राउत

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  • Publish Date - February 21, 2026 / 04:55 PM IST,
    Updated On - February 21, 2026 / 04:55 PM IST

मुंबई, 21 फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र से राज्यसभा की एक सीट पर विपक्षी उम्मीदवार की संभावनाओं के मद्देनजर महाविकास आघाड़ी (एमवीए) में जारी खींचतान के बीच, शिवसेना (उबाठा) नेता संजय राउत ने शनिवार को कहा कि अगर शरद पवार चुनाव लड़ने की इच्छा व्यक्त करते हैं तो विपक्षी गठबंधन को इस पर चर्चा करनी होगी।

राकांपा (एसपी) प्रमुख पवार समेत सात सदस्यों का अप्रैल में राज्यसभा से कार्यकाल समाप्त हो रहा है। विपक्षी एमवीए के मौजूदा संख्याबल के कारण वह संभवतः राज्यसभा में केवल एक उम्मीदवार भेज सकती है।

पवार के साथ-साथ, शिवसेना (उबाठा) नेता प्रियंका चतुर्वेदी, राकांपा (एसपी) की फौजिया खान, आरपीआई (आठवले) के रामदास आठवले, भाजपा के भगवत कराड, कांग्रेस की रजनी पाटिल और राकांपा के धैर्यशील पाटिल का राज्यसभा कार्यकाल भी अप्रैल में समाप्त हो जायेगा।

शिवसेना (उबाठा) के नेता आदित्य ठाकरे ने बृहस्पतिवार को राज्य विधानसभा में अपनी संख्या का हवाला देते हुए आगामी राज्यसभा चुनाव में एमवीए द्वारा जीती जा सकने वाली सीट पर अपनी पार्टी का दावा ठोंक दिया।

ठाकरे ने कहा, ‘‘अगर आप आंकड़ों को देखें तो (राज्यसभा चुनाव की) यह सीट शिवसेना (उबाठा) की है और एमवीए में निश्चित रूप से इस दिशा में बातचीत होगी।’’

नासिक जिले के मालेगांव में शनिवार को पत्रकारों से बात करते हुए राउत ने कहा, ‘‘मेरे पास पूरी जानकारी नहीं है और मैं पार्टी की नीति का पूरी तरह से पालन करता हूं। अगर शरद पवार चुनाव लड़ना चाहते हैं, तो क्या होगा – यही एकमात्र सवाल हमारे सामने है। शिवसेना (उबाठा) द्वारा जिसे भी उम्मीदवार नामित किया जाएगा, हम उसकी जीत के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अगर शरद पवार खुद अपनी इच्छा जाहिर करते हैं तो हमें (एमवीए) इस पर चर्चा करनी होगी। मैंने इससे ज्यादा कुछ नहीं कहा है। मैंने किसी का नाम नहीं लिया है।’’

आदित्य ठाकरे के उस बयान के बारे में पूछे जाने पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि राकांपा के दोनों गुटों के एक साथ आने की स्थिति में जटिलताओं से बचने के लिए प्रियंका चतुर्वेदी को एक और मौका दिया जाना चाहिए, राउत ने कहा कि ठाकरे एक वरिष्ठ नेता हैं और महाराष्ट्र को उनके बयान पर विचार करना चाहिए।

मालेगांव के उपमहापौर कार्यालय में टीपू सुल्तान का चित्र लगे होने को लेकर उठे विवाद से जुड़े सवाल पर, राउत ने आरोप लगाया कि भाजपा सांप्रदायिक तनाव भड़काने के लिए 18वीं सदी के इस शासक का चुनिंदा रूप से इस्तेमाल कर रही है।

भाषा शफीक रंजन

रंजन