आईआईटी मुंबई के छात्र ने की आत्महत्या: प्रोफेसर पर उकसाने का मामला दर्ज, अपराध शाखा करेगी जांच

आईआईटी मुंबई के छात्र ने की आत्महत्या: प्रोफेसर पर उकसाने का मामला दर्ज, अपराध शाखा करेगी जांच

आईआईटी मुंबई के छात्र ने की आत्महत्या: प्रोफेसर पर उकसाने का मामला दर्ज, अपराध शाखा करेगी जांच
Modified Date: September 20, 2026 / 04:31 pm IST
Published Date: September 20, 2026 4:31 pm IST

मुंबई, 20 सितंबर (भाषा) भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मुंबई के एक प्रोफेसर को परिसर में 22 वर्षीय छात्र की कथित आत्महत्या के संबंध में आरोपी बनाया गया है और पुलिस ने मामले की जांच अपराध शाखा को सौंप दी है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि शुक्रवार शाम आईआईटी मुंबई के पवई परिसर स्थित छात्रावास संख्या चार में साहिल रवींद्र वाकोडे मृत पाए गए। अधिकारियों के अनुसार, इससे कुछ घंटे पहले मध्य-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान उनके पास कथित तौर पर मोबाइल फोन पाए जाने और चैटजीपीटी के इस्तेमाल की बात सामने आई थी।

महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के निवासी वाकोडे ऊर्जा विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र थे।

आईआईटी मुंबई के एक बयान के अनुसार, छात्र ने परीक्षा के दौरान उत्तर के लिए प्रश्नपत्र चैटजीपीटी पर अपलोड किया था।

वाकोडे के अभिभावकों ने दावा किया कि मौत से पहले उनके बेटे को संस्थागत उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव का सामना करना पड़ा था।

वाकोडे के अभिभावक की शिकायत पर पवई पुलिस ने शनिवार को भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले में आईआईटी मुंबई के एक प्रोफेसर को आरोपी बनाया गया है। आगे की जांच के लिए मामला अपराध शाखा को सौंप दिया गया है, जिसकी जांच सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी), खुफिया के नेतृत्व में की जाएगी।

अधिकारी ने बताया कि अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और आगे की जांच जारी है।

संस्थान ने शुक्रवार देर रात जारी एक बयान में कहा कि उसी दिन इससे पहले छात्र को परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पाया गया था। हालांकि, उसके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी।

निरीक्षक और विभागाध्यक्ष ने छात्र से इस मामले पर चर्चा की और उसे समझाया। उन्होंने उसे आश्वस्त किया कि इस घटना का उसके शैक्षणिक करियर पर प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा। इसके बाद वह अपने छात्रावास के कमरे में लौट गया और शाम को बाद में मृत पाया गया।

इस घटना के बाद परिसर में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन भी किया। छात्रों ने मौत की परिस्थितियों की जांच की मांग की।

यह सात महीने में आईआईटी मुंबई परिसर में आत्महत्या का तीसरा मामला है। फरवरी में द्वितीय वर्ष के एक छात्र ने छात्रावास में आत्महत्या कर ली थी। जुलाई में नए सेमेस्टर की शुरुआत के दौरान 20 वर्षीय बीटेक द्वितीय वर्ष के एक छात्र ने भी आत्महत्या कर ली।

भाषा आशीष प्रशांत

प्रशांत


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