आईआईटी मुंबई छात्र आत्महत्या : अपराध शाखा ने परीक्षा सभागार, छात्रावास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले

आईआईटी मुंबई छात्र आत्महत्या : अपराध शाखा ने परीक्षा सभागार, छात्रावास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले

आईआईटी मुंबई छात्र आत्महत्या : अपराध शाखा ने परीक्षा सभागार, छात्रावास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले
Modified Date: September 22, 2026 / 11:55 am IST
Published Date: September 22, 2026 11:55 am IST

मुंबई, 22 सितंबर (भाषा) मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने यहां बीटेक छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या से पहले की गतिविधियों का पता लगाने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-मुंबई) के परीक्षा सभागार, परिसर क्षेत्र और छात्रावास के सीसीटीवी फुटेज को खंगालाना शुरू किया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

आईआईटी (मुंबई) में ऊर्जा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के दूसरे साल का बीटेक विद्यार्थी वाकोडे 18 सितंबर की शाम को छात्रावास के अपने कमरे में फंदे पर लटका मृत मिला था। यह घटना ‘मिड-सेमेस्टर’ परीक्षा के दौरान उसे ‘चैटजीपीटी’ का इस्तेमाल करने के लिए मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए पकड़े जाने के कुछ घंटों बाद हुई।

आईआईटी परिसर में विद्यार्थियों के विरोध प्रदर्शन के बाद यह मामला आगे की जांच के लिए 19 सितंबर को अपराध शाखा को सौंपा गया था।

अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा सभागार के सीसीटीवी कैमरों में वाकोडे की गतविधियां रिकॉर्ड हुईं। कथित रूप से नकल करते हुए पकड़े जाने के बाद एक प्रोफेसर उसके पास आए और उसे दूसरे विद्यार्थियों से दूर ले गए।

इसके बाद के फुटेज में वाकोडे को परीक्षा सभागार से निकलने के बाद परिसर से होते हुए छात्रावास के अपने कमरे तक जाते हुए देखा गया। एक अधिकारी ने बताया कि उसके बाद उसे अपने कमरे से बाहर निकलते हुए नहीं देखा गया।

बाद में वह छात्रावास के अपने कमरे में फंदे पर मृत लटका हुआ मिला।

जांचकर्ता वाकोडे की गतिविधियों का पता लगाने और घटना से पहले की घटनाओं का क्रम समझने के लिए संस्थान के कई स्थानों से कैमरे के फुटेज इकट्ठा कर रहे हैं और उनका मिलान कर रहे हैं।

वाकोडे की आत्महत्या के बाद आईआईटी परिसर में विरोध-प्रदर्शन हुए, जिसके चलते पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था बढ़ानी पड़ी।

छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि उनके आंदोलन का मकसद अकादमिक गड़बड़ियों का बचाव करना नहीं, बल्कि व्यवस्था से जुड़ी बड़ी समस्याओं को उजागर करना और संस्थागत सुधारों की मांग करना है।

अधिकारियों ने बताया कि छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आईआईटी निदेशक को मांगों की एक सूची सौंपी है। डायरेक्टर ने उनकी चिंताओं को स्वीकार किया और एक तय समय-सीमा के भीतर उन्हें लागू करने का भरोसा दिलाया।

भाषा

राजकुमार मनीषा

मनीषा


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