वर्धा: हिंदी विश्वविद्यालय ने जुलाई से प्रदर्शन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांगें मानीं
वर्धा: हिंदी विश्वविद्यालय ने जुलाई से प्रदर्शन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांगें मानीं
वर्धा (महाराष्ट्र), 21 सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र के वर्धा स्थित महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय ने कोर्स स्थानांतरण और पीएचडी दाखिला प्रक्रिया रुके होने के खिलाफ पिछले तीन महीने से प्रदर्शन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांगें मानने का सोमवार को फैसला किया।
छात्र छह शोधार्थियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी वापस लेने की भी मांग कर रहे थे।
विश्वविद्यालय ने 2022 में वर्धा परिसर से महिला अध्ययन और फिल्म अध्ययन कोर्स बंद करके उन्हें उत्तर प्रदेश के प्रयागराज केंद्र में स्थानांतरित कर दिया था।
प्रदर्शनकारी छात्र इन कोर्स को दोबारा वर्धा परिसर में शुरू करने और पीएचडी पाठ्यक्रमों में दाखिला प्रक्रिया बहाल करने की मांग कर रहे थे।
विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद ने सोमवार को छात्रों के व्यापक हित में शैक्षणिक सत्र 2027-28 से महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय (एमजीएएचवी) के विभिन्न कार्यक्रम शुरू करने का फैसला किया।
विश्वविद्यालय की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि कार्यकारी परिषद को बताया गया कि शैक्षणिक सत्र 2022-23 के लिए पीएचडी दाखिला प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके अनुसार नए शैक्षणिक सत्र के लिए पीएचडी दाखिला प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
विज्ञप्ति में कहा गया कि कार्यकारी परिषद को यह भी बताया गया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कार्यक्रम जारी रहेंगे।
इसमें कहा गया कि महिला अध्ययन और फिल्म अध्ययन कार्यक्रम वर्धा स्थित मुख्यालय में संचालित किए जाएंगे। इसी तरह, पीएचडी दाखिला प्रक्रिया शुरू की जाएगी और नियमित रूप से जारी रखी जाएगी तथा सर्टिफिकेट एवं डिप्लोमा कार्यक्रम एनईपी के अनुरूप चलते रहेंगे।
कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में कार्यकारी परिषद ने नए विभागाध्यक्षों और नए संकाय सदस्यों की नियुक्तियों के साथ-साथ करियर उन्नयन योजना के तहत दी गई पदोन्नतियों को भी मंजूरी दी। परिषद ने विश्वविद्यालय में पंडित दीनदयाल उपाध्याय अनुसंधान पीठ स्थापित करने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी भी दी।
इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने कोर्स के स्थानांतरण और पीएचडी दाखिला प्रक्रिया रुके होने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के छात्रों को समर्थन देने की घोषणा की थी। कॉजपा ने छह शोधार्थियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी वापस लेने की मांग की थी।
कॉजपा संस्थापक अभिजीत दीपके ने शनिवार को कहा था कि शांतिपूर्ण आंदोलन को पुलिस मामलों के जरिए दबाया नहीं जाना चाहिए। वहीं, विश्वविद्यालय ने आपराधिक मामलों और अस्थायी परिसर प्रतिबंधों का बचाव करते हुए कहा था कि प्रदर्शन से प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हुआ था।
भाषा अमित शोभना
शोभना

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