पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच भारत ने अपना अस्तित्व खोया, मोदी की ‘चुप्पी’ से उठे सवाल: राउत

Ads

पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच भारत ने अपना अस्तित्व खोया, मोदी की ‘चुप्पी’ से उठे सवाल: राउत

  •  
  • Publish Date - March 8, 2026 / 05:07 PM IST,
    Updated On - March 8, 2026 / 05:07 PM IST

मुंबई, आठ मार्च (भाषा) शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे (उबाठा) के नेता संजय राउत ने रविवार को कहा कि ईरान पर अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले के बाद पश्चिम एशिया में शुरू हुए युद्ध के घटनाक्रम के बीच भारत एक राष्ट्र के रूप में ‘अपना अस्तित्व पूरी तरह खो चुका है’।

राज्यसभा सदस्य ने यह भी कहा कि अमेरिका और इजराइल वैश्विक स्तर पर दादागीरी कर रहे हैं जबकि भारत जैसे बड़े देश, जो कल तक अपनी बहादुरी का बखान कर रहे थे, इन दादागीरी करने वालों के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं।

राउत ने शिवसेना (उबाठा) के मुखपत्र सामना में अपने साप्ताहिक स्तंभ ‘रोकठोक’ में कहा कि भारत को ईरान युद्ध को रोकने में पहल करनी चाहिए थी, जो एक ज्वलंत मुद्दा बन गया है।

उन्होंने कहा कि इससे भारतीय नेतृत्व की खोखली सच्चाई दुनिया के सामने आ गई है।

शिवसेना (उबाठा) नेता ने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस संकट पर एक शब्द भी नहीं बोला है।

राउत ने कहा, “जब पश्चिम एशिया में युद्ध छिड़ा, तो भारत ने एक देश के रूप में इन सभी घटनाक्रम के बीच अपना अस्तित्व पूरी तरह से खो दिया।’’

राज्यसभा सदस्य ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल का मानना ​​था कि ईरान को ‘कॉकरोच’ की तरह कुचला जा सकता है।

उन्होंने कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की हत्या के बाद उन्हें (अमेरिका और इजराइल को) लगा कि युद्ध समाप्त हो जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

राउत ने कहा कि कई ईरानी नेता व सैन्यकर्मी मारे गए लेकिन फिर भी ईरान, इजराइल से लड़ रहा है और उस पर हमला कर रहा है।

उन्होंने दावा किया, “अमेरिका और इजराइल वैश्विक दादागीरी कर रहे हैं और भारत जैसे बड़े देश, जो बहादुरी का दावा करते हैं, उनके एजेंट की तरह काम कर रहे हैं।”

भाषा जितेंद्र संतोष

संतोष

संतोष