कुमार सप्तर्षि शोक सभा: पवार ने विचारधारा के प्रति दिवंगत दिग्गज के समर्पण की सराहना की

कुमार सप्तर्षि शोक सभा: पवार ने विचारधारा के प्रति दिवंगत दिग्गज के समर्पण की सराहना की

कुमार सप्तर्षि शोक सभा: पवार ने विचारधारा के प्रति दिवंगत दिग्गज के समर्पण की सराहना की
Modified Date: July 26, 2026 / 08:20 pm IST
Published Date: July 26, 2026 8:20 pm IST

पुणे, 26 जुलाई (भाषा) राकांपा (शप) के अध्यक्ष शरद पवार ने रविवार को दिवंगत समाजवादी नेता डॉ. कुमार सप्तर्षि को महात्मा गांधी के आदर्शों को जीवित रखने के लिए जीवन समर्पित करने वाला महान नेता बताया।

सप्तर्षि का 18 जुलाई को निधन हो गया था। वह सामाजिक कार्यकर्ता, लेखक, युवा आंदोलन युवक क्रांति दल के संस्थापक और महाराष्ट्र के सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य के प्रमुख नेताओं में शामिल थे।

पुणे के बाल गंधर्व रंगमंदिर में आयोजित शोकसभा को संबोधित करते हुए पवार ने कहा, ‘‘उन्होंने अपना पूरा जीवन युवाओं को संगठित करने और उनमें प्रगतिशील विचारों का प्रसार करने में समर्पित किया। हम कुमार सप्तर्षि को ऐसे महान नेता के रूप में याद करते हैं, जिन्होंने अथक परिश्रम किया, युवाओं में आत्मविश्वास जगाया और महात्मा गांधी के आदर्शों को जीवित रखने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।’’

उन्होंने कहा कि सप्तर्षि का मानना था कि एक बार किसी विचारधारा को स्वीकार कर लेने के बाद व्यक्ति को जीवनभर उसके लिए काम करते रहना चाहिए।

पवार ने कहा, ‘‘वह अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार और उनका कार्य हमारे साथ हैं। हमें उन्हें सहेजकर रखना चाहिए।’’

इक्कीस अगस्त 1941 को जन्मे सप्तर्षि ने पुणे के बी.जे. मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने कानून की पढ़ाई की और अपना जीवन सामाजिक कार्यों के लिए समर्पित कर दिया।

उन्होंने नवंबर 1967 में युवक क्रांति दल की स्थापना की। संगठन ने छात्रों, किसानों, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर काम किया। सप्तर्षि समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण के भी करीबी सहयोगी रहे।

उन्होंने 1977 में जनता पार्टी में शामिल होकर सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया और 1978 में महाराष्ट्र के अहमदनगर शहर से विधायक निर्वाचित हुए।

भाषा

राखी नेत्रपाल

नेत्रपाल


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