महा विकास आघाडी ने पश्चिम महाराष्ट्र में छोड़ी छाप, 10 में से 5 सीट जीतीं
महा विकास आघाडी ने पश्चिम महाराष्ट्र में छोड़ी छाप, 10 में से 5 सीट जीतीं
पुणे, पांच जून (भाषा) महाराष्ट्र में विपक्षी महा विकास आघाडी (एमवीए) ने राज्य के पश्चिमी हिस्से में अपना राजनीतिक प्रभाव दिखाया है जहां उसे 10 लोकसभा सीट में से पांच पर जीत मिली है, वहीं सतारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके सहयोगियों को चार सीट मिली हैं। मंगलवार को जारी लोकसभा चुनाव के परिणामों के अनुसार एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गई है।
बारामती सीट पर मुकाबला काफी दिलचस्प रहा। यहां राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद पवार) की लोकसभा सदस्य सुप्रिया सुले ने महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी और अपनी भाभी सुनेत्रा पवार को हराया। सुप्रिया सुले ने चौथी बार इस क्षेत्र से जीत हासिल की है।
राज्य की कुल 48 लोकसभा सीट में से 10 सीट पश्चिम महाराष्ट्र में हैं। इनमें कोल्हापुर, हातकणंगले, सांगली, सातारा, पुणे, बारामती, शिरूर, मावल, माधा और सोलापुर हैं।
महा विकास आघाडी में कांग्रेस, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) और शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा (एसपी) शामिल हैं। राज्य में सत्तारूढ़ महायुति के सहयोगियों में भाजपा, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजित पवार के नेतृत्व वाली राकांपा शामिल हैं।
कोल्हापुर में कांग्रेस के उम्मीदवार शाहू महाराज छत्रपति ने शिवसेना के सांसद संजय मांडलिक को 1,54,964 मतों से हराया। शाहू महाराज, मराठा राजा छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज और कोल्हापुर राजपरिवार के मुखिया हैं। चुनाव प्रचार के दौरान संजय मांडलिक ने शाहू महाराज को लेकर विवादित बयान दिया था और दावा किया था कि वह कोल्हापुर के ‘असली वारिस’ नहीं हैं।
पड़ोसी हातकणंगले सीट पर शिवसेना का कब्जा बरकरार रहा। यहां के मौजूदा सांसद धैर्यशील माने ने शिवसेना (यूबीटी) के उम्मीदवार सत्यजीत पाटिल को 13,426 मतों से हराया। इस लड़ाई में तीसरे नंबर पर किसान नेता राजू शेट्टी रहे।
सांगली में कांग्रेस के बागी और निर्दलीय उम्मीदवार विशाल पाटिल ने भाजपा के सांसद संजय (काका) पाटिल को एक लाख मतों से ज्यादा से हराकर सबको चौंका दिया। शिवसेना (यूबीटी) ने पहलवान चंद्रहार पाटिल को अपना उम्मीदवार बनाया था जिसके बाद कांग्रेस की स्थानीय इकाई में गतिरोध की स्थिति पैदा हो गई।
इस फैसले से नाराज विशाल पाटिल ने स्थानीय कांग्रेस नेताओं के समर्थन से निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया।
सातार में छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज और भाजपा उम्मीदवार उदयनराजे भोंसले ने राकांपा (एसपी) के उम्मीदवार शशिकांत शिंदे को 32,771 मतों से हरा दिया। भोंसले ने 2019 में अविभाजित राकांपा की टिकट पर यहां जीत दर्ज की थी और बाद में भाजपा का दामन थाम लिया था।
पुणे जिले में भाजपा और शिवसेना ने अपने-अपने प्रभाव वाली पुणे और मावल सीटों पर जीत हासिल की है, जबकि राकांपा (एसपी) ने अपने गढ़ों बारामती और शिरुर में जीत हासिल की।
पुणे में भाजपा के उम्मीदवार मुरलीधर मोहोल ने कांग्रेस के रवींद्र धंगेकर को हराया। मावल में शिवसेना सांसद श्रीरंग बारणे ने शिवसेना (यूबीटी) के उम्मीदवार संजोग वाघेरे पाटिल को हराकर हैट्रिक लगाई।
शिरूर में राकांपा (एसपी) सांसद अमोल कोल्हे ने राकांपा के शिवाजीराव अधलराव पाटिल को हराकर अपनी सीट बरकरार रखी।
सोलापुर में पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार शिंदे की बेटी प्रणिती शिंदे ने भाजपा उम्मीदवार राम सातपुते को 74,000 से अधिक मतों से हराया।
पड़ोसी माधा निर्वाचन क्षेत्र में राकांपा (एसपी) उम्मीदवार धैर्यशील मोहिते-पाटिल ने भाजपा के रंजीतसिंह नाइक निंबालकर को 1,20,000 से अधिक मतों से हराया।
इन पश्चिमी क्षेत्र की सीटों के अलावा अहमदनगर से राकांपा (एसपी) उम्मीदवार नीलेश लंके ने भाजपा के सुजय विखे पाटिल को 28,929 मतों से हराया।
भाषा स्वाती Swati वैभव
वैभव

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