मुंबई, तीन अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख हर्षवर्धन सपकाल ने यौन उत्पीड़न के मामले में भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह को सोमवार को बरी किये जाने पर निराशा जताई और इसे “गूंगी, बहरी और अंधी” सरकार के दौर में देश का दुर्भाग्य बताया।
‘पीटीआई वीडियो’ से बात करते हुए, सपकाल ने इस फैसले के समय को रेखांकित किया और इस विडंबना का जिक्र किया कि यह हाल ही में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का मान बढ़ाने वाले खिलाड़ियों के सम्मान को कम करना है।
दिल्ली की एक अदालत ने महिला पहलवानों द्वारा दर्ज कराए गए यौन उत्पीड़न के मामले में डब्ल्यूएफआई के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह और सह-आरोपी विनोद तोमर को सोमवार को बरी कर दिया।
दिल्ली पुलिस ने छह बार के सांसद सिंह के खिलाफ 15 जून को धारा 354 (किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग), 354ए (यौन उत्पीड़न), 354डी (पीछा करना) और 506 (धमकाना) के तहत आरोपपत्र दाखिल किया था।
अदालत के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए सपकाल ने कहा कि देश में “अंधा कानून” है।
उन्होंने कहा कि इन महिलाओं ने देश का मान बढ़ाया है; वे सचमुच देश का गौरव और सम्मान हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सिंह जैसे व्यक्ति के साथ सख्ती से निपटा जाना चाहिए था।
सपकाल ने आरोप लगाया, “उन्हें (सिंह को) कड़ा सबक सिखाने की जरूरत थी। लेकिन यह हमारे देश की बदकिस्मती है कि सत्ता में एक ऐसी सरकार है जो गूंगी, बहरी और अंधी है।”
उन्होंने दावा किया कि अगर भाजपा का कोई कार्यकर्ता, नेता या व्यक्ति कुछ भी करता है – यहां तक कि दुष्कर्म जैसा गंभीर अपराध भी – तो भी उसे बरी किया जा सकता है। ऐसा लगता है कि यह फैसला कहीं न कहीं यही संदेश देता है।
सपकाल ने दावा किया, “दुर्भाग्य से, भारतीय जनता पार्टी का असली चेहरा हम सबके सामने आ गया है। लेकिन इस चेहरे के बेनकाब होने के साथ-साथ यह भी सामने आ गया है कि महिलाएं जिस सम्मान की हकदार हैं और खिलाड़ियों के प्रति जो सम्मान होना चाहिए था, उसे कमतर कर दिया गया है।”
कांग्रेस नेता ने कहा कि सिंह के बरी होने से उन्हें व्यक्तिगत रूप से दुख हुआ है और उन्होंने सभी बहनों और खिलाड़ियों को अपना समर्थन फिर से दोहराया।
उन्होंने कहा, “इस देश के नागरिक के तौर पर, मैं उनसे माफी मांगता हूं कि यह देश उन्हें न्याय नहीं दिला सका। लेकिन भविष्य में, सत्ता बदलने पर ऐसे लोगों को सबसे कड़ी सजा दी जाएगी।”
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