OP Rajbhar on Akhilesh Yadav | Photo Credit: AI
लखनऊ: OP Rajbhar on Akhilesh Yadav संसद परिसर में सांसद पप्पू यादव द्वारा भगवा वस्त्र पहनकर किए गए प्रदर्शन को लेकर योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। राजभर ने दावा किया कि इस पूरे मामले में समाजवादी पार्टी के नेताओं के अलग-अलग बयान सामने आए हैं, जिससे पार्टी की आधिकारिक लाइन ही स्पष्ट नहीं हो रही है।
OP Rajbhar on Akhilesh Yadav सोशल मीडिया पर सोमवार को किए गए अपने लंबे पोस्ट में राजभर ने अखिलेश यादव से पूछा कि आखिर पप्पू यादव के संसद परिसर में हुए प्रदर्शन पर समाजवादी पार्टी का आधिकारिक रुख क्या है। उन्होंने कहा कि सपा नेताओं के बयान आपस में ही मेल नहीं खाते और अब अखिलेश यादव को खुद सामने आकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
राजभर ने लिखा, ‘अखिलेश जी, आज सीधा सवाल। संसद में पप्पू यादव कांड पर समाजवादी पार्टी का स्टैंड क्या है?’ उन्होंने दावा किया कि इस मुद्दे पर सपा के नेताओं के अलग-अलग बयान सामने आए हैं। उन्होंने सपा सांसद राजीव राय, विधायक पवन पांडे और सांसद अवधेश प्रसाद के बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि किसी ने इसे पार्टी का प्रदर्शन मानने से इनकार किया, किसी ने पप्पू यादव के कदम को गलत बताया तो किसी ने फैसला जनता पर छोड़ दिया। राजभर ने तंज कसते हुए लिखा कि अब यह साफ होना चाहिए कि समाजवादी पार्टी की असली लाइन क्या है।
अपने पोस्ट में राजभर ने यह भी आरोप लगाया कि अखिलेश यादव पप्पू यादव का बचाव कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि कहीं ऐसा तो नहीं कि बिहार से लालू प्रसाद यादव का फोन आने के बाद उन्होंने अपना रुख बदल लिया।
उन्होंने सवाल किया कि अगर पार्टी के भीतर ही अलग-अलग राय है तो अखिलेश यादव स्पष्ट करें कि उनका आधिकारिक रुख क्या है।
राजभर ने अपने पोस्ट में अखिलेश यादव पर जातीय राजनीति और तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने लिखा कि क्या पप्पू यादव का बचाव इसलिए किया जा रहा है क्योंकि वे यादव समुदाय से आते हैं, या फिर यह एक विशेष वोट बैंक को साधने की राजनीति है।
उन्होंने लिखा, ‘सपा की लाइन राजीव राय की लाइन है, पवन पांडे की लाइन है, अवधेश प्रसाद जी की लाइन है या जाति प्रेम में आप जिस तरह पप्पू यादव की बेहूदगी का बचाव कर रहे हैं, यही यादववाद आपकी लाइन है। या फिर आपकी लाइन वही तुष्टीकरण वाली है, जिसमें हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं का मजाक उड़ाकर वोट की राजनीति की जाती है।’
राजभर ने अखिलेश यादव की हालिया राजनीतिक गतिविधियों पर भी तंज कसा। उन्होंने लिखा कि जनता दिल्ली से लेकर लखनऊ तक उनकी राजनीति देख रही है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, ‘ट्विटर-एसी-पीसी वाली राजनीति में आपने हनुमान जी की भी 51 हजार की बोली लगा दी। दिल्ली से लेकर लखनऊ तक आप क्या कर रहे हैं, सब दिख रहा है।’
अपने पोस्ट के आखिर में राजभर ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि अखिलेश यादव कांग्रेस से कुछ नहीं सीख पाए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘कम से कम कव्वाली तो सीख लीजिए, 2027 के बाद वही काम आने वाली है।’