लखनऊ, तीन अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश विधानसभा ने सोमवार को मानसून सत्र के पहले दिन समाजवादी पार्टी (सपा) के दिवंगत विधायक आलमबदी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
मानसून सत्र के पहले दिन सदन के नेता एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ जिले के निजामाबाद विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक रहे आलमबदी के निधन पर शोक प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन के सबसे वरिष्ठ सदस्य आलमबदी का 23 जुलाई को 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जीवन के इस पड़ाव पर भी उनकी सक्रियता जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणास्रोत थी। वह सरल, विनम्र और जनसामान्य से जुड़े नेता थे।
उन्होंने कहा कि आलमबदी के निधन से उत्तर प्रदेश ने एक कुशल राजनीतिज्ञ खो दिया है। मुख्यमंत्री ने सदन की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने भी आलमबदी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वह अपने स्वभाव के दृढ़ और सिद्धांतों पर अडिग रहने वाले नेता थे। उन्होंने कहा कि इस आयु में भी उनके भीतर युवाओं जैसा उत्साह था और वह अपनी सादगी से लोगों को प्रेरित करते थे।
कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा ‘‘मोना’’ ने कहा कि आलमबदी की सबसे बड़ी पहचान उनकी सादगी थी और उनके व्यक्तित्व में किसी प्रकार का दिखावा नहीं था।
आलमबदी को अपना दल (एस) के नेता रामनिवास वर्मा, राष्ट्रीय लोकदल के राजपाल सिंह बालियान, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के ओम प्रकाश राजभर, निषाद पार्टी के संजय निषाद तथा जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के विनोद सरोज ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने दिवंगत सदस्य के सार्वजनिक जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि सदन की शोक-संवेदना से उनके परिजनों को अवगत कराया जाएगा।
इसके बाद सदन के सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत विधायक आलमबदी को श्रद्धांजलि अर्पित की और विधानसभा की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
आलमबदी का जन्म 16 मार्च 1936 को आजमगढ़ जिले के बिंदवल में हुआ था। वह इंजीनियर थे और नौकरी से सेवानिवृत्त होने के बाद राजनीति में आए। आलमबदी निज़ामाबाद विधानसभा क्षेत्र से पहली बार 1996 में विधानसभा के लिए चुने गए और इसके बाद 2002, 2012, 2017 और 2022 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर निर्वाचित हुए।
नेता सदन योगी आदित्यनाथ ने सदन के हाल में दिवंगत 21 पूर्व सदस्यों के निधन पर शोक प्रस्ताव रखा। उन्होंने सदन की ओर से बलिया जिले के पूर्व विधायक भोला पांडेय (बलिया), अमिताभ लवानिया (आगरा), सुब्बा राम (गाजीपुर), जगरनाथ चौधरी (जौनपुर), राम प्यारे आजाद (महराजगंज), गोपीनाथ वर्मा (अंबेडकर नगर), यशपाल सिंह (बिजनौर), राधेश्याम भारती (कौशांबी), संग्राम सिंह (बाराबंकी), हरिनारायण राजभर (बलिया), डॉ भगवत दयाल (ललितपुर), अरुण कुमार सिंह मुन्ना (जौनपुर), ओमवती देवी (बिजनौर), मोहर सिंह (सहारनपुर), अफसर यू अहमद (संतकबीर नगर), तेजभान सिंह (अमेठी), रुद्रप्रताप सिंह (देवरिया), प्यारेलाल शंखवार (कानपुर देहात), ओंकार सिंह (बदायूं), राजेंद्र त्रिपाठी (प्रयागराज) और हनुमंत सिंह (बलरामपुर) को श्रद्धांजलि देने का प्रस्ताव रखा। विधानसभा अध्यक्ष समेत सभी ने दो मिनट मौन रखकर दिवंगत पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि यह परंपरा रही है कि वर्तमान सदस्य को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन स्थगित कर दिया जाता है और दूसरा कोई कार्य नहीं होता। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि पहले भी इस तरह के दृष्टांत मौजूद हैं।
भाषा आनन्द रंजन प्रशांत
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