मुंबई, 27 जनवरी (भाषा) कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मंगलवार को भाजपा के मंत्री चंद्रकांत पाटिल पर आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए लागू आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया।
सपकाल ने दावा किया कि पाटिल ने विपक्षी उम्मीदवारों से सार्वजनिक रूप से अपने नामांकन पत्र वापस लेने को कहा था।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) से संपर्क किया और पाटिल के खिलाफ आदर्श आचार संहिता के कथित उल्लंघन की शिकायत दर्ज कराई।
बारह जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के चुनाव 5 फरवरी को होने हैं।
राज्य निर्वाचन आयुक्त दिनेश वाघमारे को लिखे पत्र में सपकाल ने आरोप लगाया कि उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री पाटिल ने सोमवार को सांगली जिले में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान विपक्षी उम्मीदवारों से अपने नामांकन पत्र वापस लेने की अपील करते हुए कहा कि उनके जीतने की कोई संभावना नहीं है तथा उन्हें समय और पैसा बर्बाद नहीं करना चाहिए।
पाटिल ने नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि की पूर्व संध्या पर यह बात कही थी।
सपकाल ने कहा कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बावजूद सत्तारूढ़ दल के मंत्री खुलेआम इसका उल्लंघन करते पाए गए।
उन्होंने कहा कि पाटिल का बयान विपक्षी उम्मीदवारों पर सीधा दबाव डालने और चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने के समान है।
उन्होंने आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर पाटिल के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की और मंत्री पर चुनाव संबंधी जन सभाएं करने पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग की।
कांग्रेस नेता ने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त तरीके से चुनाव कराना निर्वाचन आयोग का संवैधानिक कर्तव्य है। हालांकि, उन्होंने कहा कि जब कोई वरिष्ठ मंत्री सार्वजनिक मंच का इस्तेमाल उम्मीदवारों को प्रभावित करने के लिए करता है, तो यह एक गंभीर मामला बन जाता है।
सपकाल ने कहा कि उम्मीदवारों को चुनाव प्रचार से हटने या रोकने के लिए मजबूर करना या धमकाना लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला है, और उन्होंने चुनाव प्रक्रिया की रक्षा के लिए राज्य निर्वाचन आयोग से सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया।
भाषा सुभाष दिलीप
दिलीप