पुणे में 30 वर्षीय महिला ने की आत्महत्या, दहेज उत्पीड़न के आरोप में पति और सास गिरफ्तार

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पुणे में 30 वर्षीय महिला ने की आत्महत्या, दहेज उत्पीड़न के आरोप में पति और सास गिरफ्तार

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  • Publish Date - January 27, 2026 / 05:02 PM IST,
    Updated On - January 27, 2026 / 05:02 PM IST

पुणे, 27 जनवरी (भाषा) पुणे में एक महिला के आत्महत्या करने के तीन दिन बाद उसके पति और सास को दहेज के लिए उत्पीड़न करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने कहा कि आरोप है कि बार-बार पैसे की मांग करने के बाद ससुराल वालों ने हाल ही में भ्रूण के लड़की होने के कारण महिला को गर्भपात कराने के लिए भी मजबूर किया।

चौबीस जनवरी को हवेली तालुका के सोरतावाड़ी में ससुराल में दीप्ति चौधरी (30) ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी।

महिला की मां की शिकायत के आधार पर उरुली कंचन थाने में आत्महत्या के लिए उकसाने, दहेज मांगे जाने की वजह से मौत समेत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और गर्भधारण पूर्व व प्रसवपूर्व निदान-तकनीक (पीसीपीएनडीटी) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।

पुलिस ने कहा कि महिला के पति रोहन करभारी चौधरी और गांव की सरपंच व सास सुनीता चौधरी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुलिस के अनुसार ससुर करभारी चौधरी और भतीजे रोहित को भी प्राथमिकी में आरोपी बनाया गया है, लेकिन उन्हें अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है।

शिकायत के अनुसार, दीप्ति ने 23 नवंबर 2019 को रोहन चौधरी से शादी की थी। कुछ ही महीनों में पति ने दीप्ति के चरित्र पर शक करना शुरू कर दिया और उसे बार-बार अपमानित किया।

शिकायत के अनुसार दोनों की एक बेटी है, लेकिन ससुराल वाले लड़की के जन्म से खुश नहीं थे।

शिकायत के अनुसार इसके बाद ससुराल वालों ने कहा कि उन्हें व्यवसाय में नुकसान हुआ है और महिला के माता-पिता से पैसे की मांग की, जिसके बाद माता-पिता ने 10 लाख रुपये दिए।

शिकायत के मुताबिक, इससे असंतुष्ट पति ने यह कहते हुए कथित तौर पर 25 लाख रुपये और मांगे कि शादी के समय उसके माता-पिता ने उसे कार नहीं दी।

शिकायत में कहा गया है कि उसके माता-पिता ने यह मांग भी पूरी की और उसे नकद भुगतान किया। इसके अलावा, विवाह के समय दीप्ति को दिए गए 25 तोला सोने के गहने उसके सास, ससुर ने ले लिये और कारोबार के लिए धन जुटाने नाम पर उन्हें गिरवी रख दिया।

शिकायत के अनुसार दीप्ति की दूसरी गर्भावस्था के दौरान, उसे लिंग निर्धारण परीक्षण कराने के लिए मजबूर किया गया।

शिकायत में कहा गया है कि परीक्षण में भ्रूण लड़की का पाया गया, और उसकी इच्छा के खिलाफ गर्भपात करवा दिया गया।

उरुली कंचन थाने के एक अधिकारी ने कहा, “हमने उसके पति और सास को गिरफ्तार कर लिया है और विस्तृत जांच जारी है।”

एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चकांकर ने महिला के माता-पिता से मुलाकात की और उन्हें आश्वस्त किया कि आरोपी के खिलाफ यथासंभव सख्त कार्रवाई की जाएगी।

भाषा जोहेब मनीषा

मनीषा