Prashant Kumar Resigned, image source: piyush rai X post
Ayodhya News: उत्तर प्रदेश में एक और वरिष्ठ अधिकारी के इस्तीफे ने प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। (Deputy Commissioner Prashant Kumar Resigned) अयोध्या में तैनात राज्य जीएसटी विभाग के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने यह फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में लिया है। बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट के इस्तीफे के बाद यह दूसरी इस्तीफे की घटना है।
दरअसल, इस्तीफा देने के बाद जब प्रशांत कुमार सिंह ने अपनी पत्नी को फोन किया, तो वे खुद को संभाल नहीं पाए।(Deputy Commissioner Prashant Kumar Resigned) बातचीत के दौरान उनकी आवाज भर्रा गई, उनका गला भर आया और वे फफक-फफक कर रो पड़े। पत्नी से उन्होंने बस इतना कहा— “हां… हैलो… मैंने इस्तीफा दे दिया है। अब और बर्दाश्त नहीं हो रहा।”
Ladies and gentleman, the match is now tied and will go to the super over! GST commissioner Prashant Kumar Singh in Ayodhya has resigned after he was hurt over Swami Avimukteshwaranand’s statement for UP CM Yogi Adityanath. pic.twitter.com/w6j8tHz7tY
— Piyush Rai (@Benarasiyaa) January 27, 2026
पत्नी से बातचीत में डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि वे बीते दो दिनों से ठीक से सो नहीं पाए थे और मन बेहद व्यथित था। (Deputy Commissioner Prashant Kumar Resigned) उन्होंने कहा— “जिसका नमक खाते हैं, उसका सिला अदा करना चाहिए। मैं उसी प्रदेश से वेतन लेता हूं और उसी सरकार के अधीन काम करता हूं। अगर उसी नेतृत्व के खिलाफ अपमानजनक बातें हों और मैं चुप रहूं, तो यह मेरे लिए संभव नहीं है।”
उन्होंने यह भी कहा कि उनकी दो बेटियां हैं और वे चाहते हैं कि उनके बच्चे यह देखें कि उनका पिता सही और गलत के बीच खड़े होने से नहीं डरे। (Deputy Commissioner Prashant Kumar Resigned)उनका कहना था कि यह फैसला किसी जोश और आवेग में नहीं बल्कि लंबे आत्ममंथन के बाद लिया गया है।
आपको बता दें कि प्रशांत कुमार सिंह ने अपना इस्तीफा उत्तर प्रदेश के राज्यपाल को संबोधित करते हुए भेजा है। दो पन्नों के इस पत्र में उन्होंने ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। (Deputy Commissioner Prashant Kumar Resigned) उन्होंने इन बयानों को अभद्र, अमर्यादित और अनर्गल बताते हुए लिखा है कि ऐसी टिप्पणियां केवल व्यक्तियों पर नहीं, बल्कि देश के लोकतांत्रिक ढांचे, संविधान और जनादेश पर सीधा प्रहार हैं।
इस्तीफे में प्रशांत कुमार सिंह ने लिखा है कि एक सरकारी अधिकारी होने के नाते उनका भी एक राजकीय धर्म है। यह धर्म केवल फाइलें निपटाने या राजस्व जुटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उस व्यवस्था और नेतृत्व के सम्मान की रक्षा करना भी है, जिसके तहत वे कार्य करते हैं। (Deputy Commissioner Prashant Kumar Resigned) उन्होंने लिखा कि लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के खिलाफ सार्वजनिक मंचों से अपमानजनक भाषा का प्रयोग समाज में भ्रम, विद्वेष और अस्थिरता पैदा करता है। ऐसे समय में चुप रहना उन्हें अपने आत्मसम्मान के खिलाफ लगा।
अपने पत्र में उन्होंने भावुक शब्दों में लिखा कि वे केवल एक वेतनभोगी रोबोट की तरह काम नहीं कर सकते। एक अधिकारी होने के साथ-साथ वे एक नागरिक, एक पिता और एक जागरूक व्यक्ति भी हैं। (Deputy Commissioner Prashant Kumar Resigned) उन्होंने स्पष्ट किया कि यह इस्तीफा किसी दबाव, निर्देश या राजनीतिक लाभ के लिए नहीं दिया गया है, बल्कि पूरी तरह उनकी अंतरात्मा की आवाज पर आधारित है।
इस्तीफे में प्रशांत कुमार सिंह ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर समाज में जातिवाद का जहर घोलने का आरोप भी लगाया है। (Deputy Commissioner Prashant Kumar Resigned)उन्होंने लिखा कि ऐसे बयान प्रदेश और देश के सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करते हैं। सदियों के संघर्ष के बाद देश ने संविधान के माध्यम से समानता और न्याय का रास्ता चुना है, ऐसे में विभाजनकारी भाषा का प्रयोग बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
पत्र के अंत में उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनका इस्तीफा औपचारिक रूप से स्वीकार नहीं हो जाता, तब तक वे अपने पद की सभी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करते रहेंगे। उन्होंने राजस्व वृद्धि और विभागीय कार्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। यह पत्र 27 जनवरी 2026 को अयोध्या से जारी किया गया है।
गौरतलब है कि प्रशांत कुमार सिंह की अयोध्या में पोस्टिंग वर्ष 2023 में हुई थी।(Deputy Commissioner Prashant Kumar Resigned) वे राज्यकर विभाग में संभागीय उप आयुक्त (डिप्टी कमिश्नर) के पद पर कार्यरत थे। इस्तीफा स्वीकार होने के बाद उन्होंने संकेत दिया है कि वे सामाजिक कार्यों में अपने निजी संसाधनों से योगदान देंगे और समाज के लिए किसी न किसी रूप में काम करते रहेंगे।