मुंबई, 27 मई (भाषा) महाराष्ट्र में विपक्षी कांग्रेस ने आषाढ़ी वारी तीर्थयात्रा और इस दौरान भारी मानसूनी बारिश की संभावना का हवाला देते हुए बुधवार को निर्वाचन आयोग से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को एक महीने के लिए स्थगित करने की अपील की।
कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोकलिंगम को लिखे पत्र में कहा कि आषाढ़ी एकादशी के उत्सव के लिए पंढरपुर की वार्षिक वारी तीर्थयात्रा में भाग लेने वाले लाखों वरकारी (भगवान विट्ठल के भक्त) पुनरीक्षण के दौरान अपने घरों से दूर रह सकते हैं, जिससे मतदाता सूची से उनके नाम हटाए जाने का खतरा बढ़ता है।
पत्र के अनुसार, आयोग ने 14 मई को एसआईआर कार्यक्रम की घोषणा की थी और महाराष्ट्र में लगभग 72 प्रतिशत मानचित्रण कार्य पूरा हो चुका है तथा इस प्रक्रिया का पहला चरण 19 जून तक जारी है, जबकि दूसरा चरण 30 जून से 29 जुलाई तक निर्धारित है।
सपकाल ने कहा कि दूसरे चरण में बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) मतदाताओं को जनगणना प्रपत्र वितरित करने और उनसे एकत्र करने के लिए घर-घर जाएंगे।
उन्होंने बताया कि इसी दौरान ‘आषाढ़ी वारी’ भी होती है और पश्चिमी महाराष्ट्र, मराठवाड़ा व विदर्भ के 20 से अधिक जिलों से लाखों श्रद्धालु पैदल चलकर पंढरपुर आते हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा, “चूंकि ये श्रद्धालु जनगणना के दौरान घर पर नहीं होंगे, इसलिए संभावना है कि उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिये जाएं।”
सपकाल ने जुलाई माह में मुंबई महानगर क्षेत्र, कोंकण, पुणे और सतारा क्षेत्रों में हर साल होने वाली भारी बारिश के मौसम पूर्वानुमान का भी जिक्र किया तथा कहा कि इससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो सकता है व मतगणना प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने आयोग से पात्र मतदाता सूची से छूट न जाए, यह सुनिश्चित करने के लिए एसआईआर कार्यक्रम को कम से कम एक महीने के लिए स्थगित करने का आग्रह किया। अगले लोकसभा चुनाव और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2029 में होने हैं।
भाषा जितेंद्र नरेश
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