ऊर्जा, बैंक शेयरों में बिकवाली से बाजार दूसरे दिन भी गिरा, सेंसेक्स 142 अंक टूटा

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ऊर्जा, बैंक शेयरों में बिकवाली से बाजार दूसरे दिन भी गिरा, सेंसेक्स 142 अंक टूटा

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  • Publish Date - May 27, 2026 / 05:51 PM IST,
    Updated On - May 27, 2026 / 05:51 PM IST

(चार्ट के साथ)

मुंबई, 27 मई (भाषा) उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में बीएसई सेंसेक्स बुधवार को लगातार दूसरे दिन 142 अंक टूट गया जबकि एनएसई निफ्टी में मामूली छह अंक की गिरावट रही। पश्चिम एशिया में जारी अनिश्चितता के बीच निवेशकों के सतर्क रुख और विदेशी संस्थागत निवेशकों की ताजा पूंजी निकासी से बाजार नुकसान में रहा।

बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 141.90 अंक यानी 0.19 प्रतिशत टूटकर 75,867.80 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ऊंचे में 76,224.68 अंक तक गया और नीचे में 75,748.21 अंक तक आया। सेंसेक्स में शामिल 20 शेयर बढ़त में रहे, जबकि 10 में गिरावट रही।

वहीं, एनएसई का 50 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक निफ्टी 6.55 अंक यानी 0.03 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 23,907.15 अंक पर रहा।

सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में से एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस, आईटीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में प्रमुख रूप से गिरावट रही।

दूसरी तरफ, लाभ में रहने वाले शेयरों में पावर ग्रिड, इटर्नल, एनटीपीसी और टाटा स्टील शामिल हैं।

रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजीत मिश्रा ने कहा, ‘अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से निवेशक धारणा सतर्क रही।’

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 3.24 प्रतिशत टूटकर 96.35 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

व्यापक बाजार में छोटी कंपनियों का बीएसई स्मालकैप सूचकांक 0.29 प्रतिशत की गिरावट पर रहा जबकि मझोली कंपनियों के मिडकैप सूचकांक में 0.52 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

क्षेत्रवार सूचकांकों में शीर्ष 10 बैंक सूचकांक 0.90 प्रतिशत गिर गया जबकि निजी बैंक सूचकांक में 0.83 प्रतिशत और वित्तीय सेवा खंड में 0.64 प्रतिशत की गिरावट रही। वहीं पूंजीगत उत्पाद खंड में 3.21 प्रतिशत और उपयोगिता खंड में 2.39 प्रतिशत की तेजी रही।

ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर. ने कहा, ‘‘पश्चिम एशिया में व्याप्त अनिश्चितता के बीच निवेशकों के ‘प्रतीक्षा करो और देखो’ की नीति अपनाने के कारण भारतीय शेयर बाजार में काफी हद तक नरमी रही।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच निरंतर राजनयिक बातचीत के संकेतों ने बाजार धारणा को स्थिर करने और आक्रामक बिकवाली के दबाव को सीमित करने में मदद की।’’

एशिया के अन्य बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्की बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि चीन का शंघाई एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट के साथ बंद हुए।

यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में तेजी का रुख था। अमेरिकी बाजार मंगलवार को ज्यादातर बढ़त के साथ बंद हुए थे।

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को 2,407.87 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

सेंसेक्स मंगलवार को 479.26 अंक टूटकर 76,009.70 अंक पर और निफ्टी 118 अंक गिरकर 23,913.70 अंक पर बंद हुआ था।

भाषा

प्रेम रमण

रमण