अमरावती, 27 मई (भाषा) वाईएसआरसीपी प्रमुख वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी ने आंध्र प्रदेश सरकार पर सुगाली प्रीति हत्याकांड की जांच में ‘उपेक्षा’ करने का आरोप लगाया और कहा कि मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में ‘विफल’ रहे हैं।
इस बीच, सत्ताधारी तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) ने अभी तक इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। यह मामला पिछली तेदेपा सरकार के दौरान नाबालिग लड़की प्रीति की मौत से संबंधित है।
स्कूल अधिकारियों ने कथित तौर पर दावा किया कि प्रीति ने आत्महत्या की थी, जबकि उसके माता-पिता ने उसके शरीर पर घावों के निशान का हवाला देते हुए यौन उत्पीड़न और हत्या का आरोप लगाया।
पिछली युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) सरकार ने जांच सीबीआई को सौंप दी थी, जबकि परिवार का आरोप है कि उसके बाद से न्याय मिलना मुश्किल रहा है।
जगन ने मंगलवार देर रात सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘सुगाली प्रीति मामले में नायडू सरकार की लापरवाही से उसके माता-पिता को गहरी पीड़ा हो रही है… वैज्ञानिक साक्ष्य और रिपोर्ट उपलब्ध होने के बावजूद सरकार ने न्याय सुनिश्चित करने के बजाय चुप्पी साधना बेहतर समझा है।’
जगन के अनुसार, वाईएसआरसीपी के सत्ता में आने के बाद उनकी सरकार ने पीड़िता के माता-पिता के अनुरोध पर एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया और जांच को आगे बढ़ाया।
उन्होंने कहा कि नायडू के सत्ता में लौटने के बाद इस मामले को एक बार फिर दरकिनार कर दिया गया और सीबीआई द्वारा कर्मचारियों और संसाधनों की कमी की बात कहने के बावजूद राज्य सरकार ने पर्याप्त सहयोग नहीं दिया।
उन्होंने जोर देकर कहा कि वाईएसआरसीपी इस मामले में न्याय मिलने तक परिवार को पूर्ण कानूनी सहायता प्रदान करेगी।
भाषा
शुभम रंजन
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