ठाणे: इमारत की ऊपरी मंजिल पर आग लगी, महानगरपालिका के नेता प्रतिपक्ष की सतर्कता से त्रासदी टली

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ठाणे: इमारत की ऊपरी मंजिल पर आग लगी, महानगरपालिका के नेता प्रतिपक्ष की सतर्कता से त्रासदी टली

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  • Publish Date - May 2, 2026 / 08:28 PM IST,
    Updated On - May 2, 2026 / 08:28 PM IST

ठाणे, दो मई (भाषा) महाराष्ट्र में ठाणे शहर के मुंब्रा इलाके में चार मंजिला इमारत की ऊपरी मंजिल पर स्थित एक फ्लैट में आग लग गई, लेकिन महानगरपालिका के नेता प्रतिपक्ष अशरफ शानू पठान की सतर्कता से एक बड़ी त्रासदी टल गई और त्वरित कार्रवाई के लिए उन्हें प्रशंसा मिली।

दमकलकर्मियों के मौके पर पहुंचने से पहले ही पठान ने मुख्य बिजली आपूर्ति बंद कर दी और निवासियों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की।

अधिकारियों ने बताया कि यह घटना अपराह्न करीब दो बजे अमृतनगर के एम. के. कंपाउंड इलाके में स्थित एक आवासीय भवन में हुई।

आग लगने का कारण गैस सिलेंडर के पाइप का फटना माना जा रहा है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इमारत की ऊपरी मंजिल पर आग लगने की सूचना मिलते ही पठान तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे।

उन्होंने कहा कि सिलेंडर आग की लपटों में घिर गया था और आग के फैलने का खतरा था, ऐसे में उन्होंने प्रारंभिक बचाव उपाय शुरू किया और प्रभावित घर से कीमती सामान निकालने में सहायता की।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, निचली मंजिल पर बिजली के मीटर और तारों की मौजूदगी के कारण खतरे को भांपते हुए (जिससे शॉर्ट सर्किट हो सकता था तथा आग और भी भड़क सकती थी) पठान जलते हुए परिसर में घुस गए और दमकलकर्मियों के आने से पहले मुख्य बिजली आपूर्ति को काट दिया।

उन्होंने बताया कि पठान ने इमारत से निवासियों को निकालने में भी मदद की।

अधिकारियों ने बताया कि दमकलकर्मी कुछ ही देर में मौके पर पहुंच गए और आग पर काबू पा लिया। उन्होंने कहा कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

घटना के बारे में ठाणे महानगरपालिका में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) से संबंधित पठान ने कहा कि उनके कार्य के पीछे सामाजिक जिम्मेदारी की भावना थी।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने तो बस अपना कर्तव्य निभाया है। इसका श्रेय लेने की कोई जरूरत नहीं है।’’

ठाणे महानगरपालिका के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के प्रमुख यासीन तडवी ने कहा, ‘‘दमकलकर्मियों के घटनास्थल पर पहुंचने से पहले ही पठान मौके पर पहुंच गए और बिजली आपूर्ति बंद कर दी तथा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।’’

भाषा

शुभम नेत्रपाल

नेत्रपाल