(तस्वीरों के साथ)
पुणे, 17 जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को युवाओं के लिए नौकरी प्रशिक्षण और मानदेय योजना की घोषणा की, जिसे अस्थायी रूप से ‘लाड़का भाऊ’ योजना नाम दिया गया है। इससे पहले उन्होंने पात्र महिलाओं के लिए मासिक वित्तीय सहायता योजना शुरू की थी।
शिंदे ने ‘आषाढ़ी एकादशी’ के अवसर पर सोलापुर जिले के पंढरपुर में नयी योजना की व्यापक विशेषताओं की घोषणा की। योजना में मुख्य रूप से पुरुषों को लक्ष्य किया गया।
शिंदे ने संवाददाताओं को बताया, “कुछ लोगों ने कहा कि ‘लाड़की बहिन योजना’ (महिलाओं के लिए) शुरू की गई है; ‘लाड़का भाऊ’ के बारे में क्या। हम अब लाड़का भाऊ के लिए एक योजना की घोषणा कर रहे हैं, जिसके तहत 12वीं पास नौकरी चाहने वालों को 6,000 रुपये, डिप्लोमा वालों को 8,000 रुपये और स्नातक की डिग्री वालों को 10,000 रुपये मिलेंगे। उन्हें उद्योग में ‘नौकरी के साथ प्रशिक्षण’ के दौरान सरकार की ओर से यह मानदेय मिलेगा।”
उन्होंने कहा कि उम्मीदवार प्रशिक्षण लेंगे और नौकरी पाएंगे। साथ ही, प्रशिक्षित जनशक्ति से उद्योग को भी लाभ होगा। इस प्रशिक्षण का वित्तपोषण राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, “इतिहास में यह पहली बार है कि राज्य सरकार ने ऐसी योजना शुरू की है।”
बेरोजगारी के बारे में चिंताओं का उल्लेख करते हुए शिंदे ने जोर देकर कहा कि इस पहल का उद्देश्य समाधान प्रदान करना है।
उन्होंने कहा, “उद्योग में युवाओं के प्रशिक्षण के दौरान राज्य सरकार मानदेय का भुगतान करेगी।”
‘मुख्यमंत्री मांझी लाड़की बहिन’ योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित, तलाकशुदा और निराश्रित महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह मिलेंगे, लाभार्थियों की वार्षिक पारिवारिक आय 2.5 लाख रुपये तक सीमित होनी चाहिए।
भाषा प्रशांत रंजन
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