महाराष्ट्र सरकार ने रेस्तरां और भोजनालयों को पनीर की किस्म का खुलासा करने की अनिवार्यता की

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महाराष्ट्र सरकार ने रेस्तरां और भोजनालयों को पनीर की किस्म का खुलासा करने की अनिवार्यता की

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  • Publish Date - May 1, 2026 / 01:39 PM IST,
    Updated On - May 1, 2026 / 01:39 PM IST

मुंबई, एक मई (भाषा) महाराष्ट्र भर के रेस्तरां और भोजनालयों के लिए अब ग्राहकों को स्पष्ट रूप से यह बताना अनिवार्य है कि व्यंजनों में परोसा जाने वाला ‘‘पनीर’’ ताजा व असली है या उसके स्थान पर वैकल्पिक रूप से किसी अन्य पनीर का इस्तेमाल किया गया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

राज्य खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा 20 मार्च को जारी किया गया निर्देश बृहस्पतिवार से प्रभावी हो गया। यह निर्देश पारदर्शिता सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं को पनीर के बजाय सस्ते गैर-डेयरी विकल्पों के उपयोग से गुमराह होने से बचाने के लिए जारी किया गया।

एक अधिकारी ने बताया कि निर्देश के अनुसार, रेस्तरां, होटल और खानपान सेवा प्रदाता सहित सभी खाद्य व्यवसायियों को अपने मेनू, बिल तथा ‘डिस्प्ले बोर्ड’ पर पनीर के असली होने का या इसके अन्य विकल्प के उपयोग का स्पष्ट रूप से खुलासा करना होगा।

उन्होंने कहा कि निर्माताओं और आपूर्तिकर्ताओं को ऐसे उत्पादों पर सटीक लेबल लगाने का निर्देश दिया गया है तथा उल्लंघन करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

पनीर पूरी तरह से दूध से बनता है, जबकि इसके विकल्प में ‘चीज़’ खाद्य तेलों, स्टार्च और इमल्सीफायर का उपयोग करके तैयार किया जाता है। हालांकि ऐसे विकल्पों को असुरक्षित नहीं माना जाता है लेकिन अधिकारियों ने कहा कि उपभोक्ताओं को यह जानकारी दी जानी चाहिए कि उन्हें क्या परोसा जा रहा है।

यह कदम उन शिकायतों के बाद उठाया गया है कि कई प्रतिष्ठान ग्राहकों को सूचित किए बिना पनीर के विकल्प से बने पनीर-आधारित व्यंजन परोस रहे थे।

इस कदम का समर्थन करते हुए, मुंबई के कई भोजनालयों का प्रतिनिधित्व करने वाले होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन (पश्चिमी भारत) ने कहा कि उसके नेतृत्व ने नियामक के साथ बातचीत की है और वह अनुपालन करने के लिए प्रतिबद्ध है।

एसोसिएशन ने कहा कि एक प्रतिनिधिमंडल ने निर्देश के कार्यान्वयन पर चर्चा करने के लिए एफडीए आयुक्त श्रीधर दुबे पाटिल से मुलाकात की थी।

एसोसिएशन के एक वरिष्ठ प्रतिनिधि ने कहा कि ऐसे उत्पादों का उपयोग किए जाने पर उन्हें ‘‘चीज़ विकल्प’’ के रूप में लेबल किए जाने की सदस्यों को सलाह दी गई है।

भाषा यासिर मनीषा

मनीषा