धन वितरण में महाराष्ट्र सरकार सत्तारूढ़ दलों के विधायकों का पक्ष ले रही है : वडेट्टीवार
धन वितरण में महाराष्ट्र सरकार सत्तारूढ़ दलों के विधायकों का पक्ष ले रही है : वडेट्टीवार
मुंबई, 16 मार्च (भाषा) कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने सोमवार को आरोप लगाया कि महाराष्ट्र सरकार सत्तारूढ़ दलों के विधायकों को धन आवंटित कर उनका पक्ष ले रही है, जबकि विपक्षी विधायकों की उपेक्षा की जा रही है।
विधानसभा में बजटीय मांगों पर चर्चा में भाग लेते हुए वडेट्टीवार ने कहा कि सड़क निर्माण कार्य के लिए धनराशि केवल उन निर्वाचन क्षेत्रों को दी गई है, जिनका प्रतिनिधित्व सत्तारूढ़ दलों—भाजपा, शिवसेना और राकांपा —के नेता करते हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा, “महायुति सरकार विपक्षी विधायकों के साथ भेदभाव कर रही है। सत्तापक्ष के विधायकों के क्षेत्रों में सड़कों को सुधारा जा रहा है, जबकि इनके बाहर के क्षेत्र की सड़कों की हालत बेहद खराब है। इस रवैये के कारण आम जनता को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। क्या यही ‘सबका साथ, सबका विकास’ है।’’
कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में सड़क अवसंरचना की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है और ठेकेदारों को अब तक भुगतान नहीं किया गया है।
उन्होंने दावा किया कि करीब 62,000 करोड़ रुपये के बिल बकाया हैं और ठेकेदारों ने चेतावनी दी है कि यदि बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो वे 6 अप्रैल से काम बंद कर देंगे।
वडेट्टीवार ने छत्रपति संभाजीनगर में 250 करोड़ रुपये के ‘क्यूआर कोड घोटाले’ का दावा किया, जिसमें ठेकेदारों ने क्यूआर कोड का दुरुपयोग करके वास्तविक काम किए बिना बड़ी रकम निकाल ली।
उन्होंने सवाल किया कि क्या संबंधित मंत्रियों को कथित अनियमितताओं की जानकारी थी।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि महिलाओं के लिए लाडकी बहिन योजना को लागू करने के लिए आदिवासी विकास विभाग की निधि का इस्तेमाल किया गया है।
कांग्रेस नेता के अनुसार आदिवासी विकास विभाग के तहत सामाजिक सुरक्षा और कल्याण के लिए निर्धारित 4,349 करोड़ रुपये में से 3,416 करोड़ रुपये को (लाडकी बहिन) योजना के लिये भेज दिया गया है।
उन्होंने कहा, “आदिवासी विद्यार्थियों को पूरे वर्ष पोशाक के लिए धन नहीं मिलता है और आदेश केवल मार्च के अंत में दिए जाते हैं। यह ऐसा है मानो शादी पहले कर दी जाए और बाद में दूल्हे के कपड़े पहुंचाए जाएं।”
उन्होंने बताया कि इस प्रमुख योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की पात्र महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपये दिए जाते हैं।
कांग्रेस नेता ने शैक्षणिक संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई में राजनीतिक प्रतिशोध का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि स्थानीय निकाय चुनावों में एक आदिवासी मंत्री की बेटी के खिलाफ कथित तौर पर अभियान चलाने के बाद एक कैरियर विकास अकादमी के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।
वडेट्टीवार ने कहा कि इस तरह की कार्रवाइयों से छात्रों को नुकसान हो रहा है और सवाल उठाया कि क्या राज्य में लोकतंत्र ठीक से काम कर रहा है।
उन्होंने उन संस्थानों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की, जिन्होंने कथित तौर पर आदिवासी छात्रावासों में छात्रों को शौचालय साफ करने के लिए मजबूर किया।
भाषा रंजन दिलीप
दिलीप

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