महाराष्ट्र सरकार जल्द ही मुंबई में ‘देवाभाऊ’, ‘छावा’ टैक्सियां शुरू करेगी: भाजपा नेता

महाराष्ट्र सरकार जल्द ही मुंबई में ‘देवाभाऊ’, ‘छावा’ टैक्सियां शुरू करेगी: भाजपा नेता

महाराष्ट्र सरकार जल्द ही मुंबई में ‘देवाभाऊ’, ‘छावा’  टैक्सियां शुरू करेगी: भाजपा नेता
Modified Date: June 16, 2026 / 04:54 pm IST
Published Date: June 16, 2026 4:54 pm IST

मुंबई, 16 जून (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और विधान परिषद के सदस्य प्रवीण दरेकर ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार जल्द ही मुंबई में ‘देवाभाऊ’ और ‘छावा’ टैक्सी सेवाएं शुरू करेगी।

उन्होंने दावा किया कि इससे टैक्सी मुहैया कराने वाले निजी कंपनियों द्वारा वसूले जाने वाले भारी कमीशन पर अंकुश लगेगा और चालकों व वाहन मालिकों को सीधा लाभ होगा।

दरेकर ने सोमवार को संवाददाताओं से कहा कि प्रस्तावित सेवा दिल्ली और कोलकाता जैसे शहरों में जारी ‘भारत टैक्सी’ पहल पर आधारित होगी और ओला, उबर व रैपिडो से अलग एक विकल्प प्रदान करेगी।

उन्होंने ओला, उबर व रैपिडो पर अत्यधिक कमीशन वसूलने का आरोप लगाया।

हालांकि, सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया व विपक्षी कांग्रेस ने इस घोषणा की तीखी आलोचना की और मुंबई बैंक फंड के प्रस्तावित उपयोग व योजना का राजनीतिक प्रचार करने पर सवाल उठाया।

दरेकर, मुंबई जिला केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड के अध्यक्ष हैं, जिसे मुंबई बैंक के नाम से जाना जाता है।

दरेकर ने ‘भारत टैक्सी’ परियोजना में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि इस पहल से चालकों और वाहन मालिकों को निजी कंपनियों पर निर्भरता कम कर लाभ हुआ है।

उन्होंने कहा, “उन जगहों पर जहां निजी टैक्सी कंपनियां अत्यधिक कमीशन लेती हैं और चालकों से पैसे वसूलती हैं, ‘भारत टैक्सी’ ने ऐसे तौर-तरीकों पर अंकुश लगाने में मदद की है। चालकों और मालिकों को फायदा हुआ है। इसी तर्ज पर ‘देवभाऊ’ और ‘छावा’ टैक्सी सेवाएं अब मुंबई और एमएमआरडीए (मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी) क्षेत्र में शुरू की जाएंगी।”

इस परियोजना को “अपाली टैक्सी, अपाली मालकी” (हमारी टैक्सी, हमारा स्वामित्व) के नारे के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।

इस योजना के तहत टैक्सी चालकों के पास अपने वाहनों का स्वामित्व बना रहेगा।

सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने हालांकि इस प्रस्ताव की आलोचना की। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में सवाल उठाया, “‘देवाभाऊ टैक्सी’? 2,000 टैक्सियां दी जाएंगी? और वह भी मुंबई बैंक के जमाकर्ताओं के पैसे का इस्तेमाल करके?” दमानिया ने यह भी प्रश्न किया कि क्या मुंबई बैंक को “भाजपा का निजी बैंक” समझ लिया गया है।

उन्होंने कहा कि आम नागरिकों, किसानों और छोटे उद्यमियों को अक्सर ऋण प्राप्त करने के लिए संघर्ष करना पड़ता है जबकि राजनीतिक पहचान से जुड़ी एक योजना को संस्थागत वित्तपोषण आसानी से उपलब्ध कराया जा रहा है।

दमानिया ने कहा, “जमाकर्ताओं के पैसे का इस्तेमाल किसी राजनीतिक नाम से जुड़े कारोबार को खड़ा करने के लिए करना पूरी तरह अस्वीकार्य है। इस योजना को तत्काल रद्द किया जाना चाहिए और फडणवीस को स्वयं इसे वापस लेना चाहिए।” कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के महासचिव धनंजय शिंदे ने कहा कि दमानिया द्वारा उठाए गए सवाल गंभीर हैं।

शिंदे ने कहा, “मुंबई बैंक जमाकर्ताओं, किसानों और मेहनतकश लोगों का है। यह किसी राजनीतिक दल या नेता की निजी संपत्ति नहीं है।”

उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र सहकारिता विभाग की लेखा-परीक्षा रिपोर्टों में पहले भी मुंबई बैंक के कुछ लेन-देन, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और निर्णय लेने की कार्यप्रणाली को लेकर टिप्पणियां दर्ज की गई थीं।

शिंदे ने कहा, “ऐसी स्थिति में ‘देवाभाऊ टैक्सी’ जैसी राजनीतिक नाम वाली योजनाओं के लिए जमाकर्ताओं के धन के इस्तेमाल को लेकर उठ रही चिंताएं बेहद गंभीर हैं और इसकी गहन जांच की आवश्यकता है।”

भाषा तान्या जितेंद्र

जितेंद्र


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