मुंबई, 14 जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र में एक जून से 13 जुलाई के बीच 334.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य औसत 346.4 मिलीमीटर का 96.28 प्रतिशत है। हालांकि, राज्य में बारिश का वितरण असमान रहा।
मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष दी गई एक प्रस्तुति के मुताबिक, खरीफ फसलों की बुवाई 96.21 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में पूरी हो चुकी है, जो राज्य के सामान्य बुवाई क्षेत्र 144.36 लाख हेक्टेयर का 67 प्रतिशत है।
पिछले वर्ष इसी अवधि में खरीफ बुवाई 120.65 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हुई थी, जो सामान्य क्षेत्र का 84 प्रतिशत थी।
मंत्रिमंडल को बताया गया कि कुछ स्थानों पर धान की रोपाई जारी है।
प्रस्तुति के अनुसार, बुवाई का काम गति पकड़ रहा है और अब तक बोई गई अधिकांश फसलें अंकुरण से प्रारंभिक बढ़वार की अवस्था में हैं।
प्रस्तुति में कहा गया कि राज्य में वर्षा का वितरण असमान रहा।
इसमें कहा गया कि ठाणे, रायगढ़, पालघर, रत्नागिरि, अहिल्यानगर, पुणे, सतारा, सांगली और जालना सहित नौ जिलों में सामान्य के 100 प्रतिशत से अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि नंदुरबार में सामान्य वर्षा का सबसे कम 29 प्रतिशत पानी बरसा।
प्रस्तुति के मुताबिक, 12 जिलों में सामान्य वर्षा की 50 से 75 प्रतिशत तथा अन्य 12 जिलों में 75 से 100 प्रतिशत वर्षा दर्ज की गई।
फसलवार बुवाई के आंकड़ों के अनुसार, मक्का की बुवाई 8.91 लाख हेक्टेयर (सामान्य क्षेत्र का 95 प्रतिशत), सोयाबीन की 37.37 लाख हेक्टेयर (सामान्य क्षेत्र का 79 प्रतिशत) और कपास की 32.79 लाख हेक्टेयर (सामान्य क्षेत्र का 77 प्रतिशत) क्षेत्र में हुई है।
प्रस्तुति में कहा गया कि दलहन की कुल बुवाई 11.46 लाख हेक्टेयर (56 प्रतिशत), तिलहन की 38.20 लाख हेक्टेयर (78 प्रतिशत) और कुल खाद्यान्न फसलों की 25.21 लाख हेक्टेयर (48 प्रतिशत) क्षेत्र में हुई है।
इसमें कहा गया कि धान की बुवाई 2.87 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हुई है, जो इसके सामान्य क्षेत्र का 19 प्रतिशत है।
भाषा अमित पारुल
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