महाराष्ट्र में ऑटो-टैक्सी चालकों के मराठी ज्ञान की जांच के लिए अभियान शुरू
महाराष्ट्र में ऑटो-टैक्सी चालकों के मराठी ज्ञान की जांच के लिए अभियान शुरू
मुंबई, 20 अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र भर के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों ने बृहस्पतिवार को टैक्सी एवं ऑटो रिक्शा चालकों के मराठी भाषा के व्यावहारिक ज्ञान की जांच करने के लिए एक अभियान शुरू किया और टीमों को इस अभ्यास की वीडियोग्राफी करने का आदेश दिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान 12 अगस्त को अधिसूचित मोटर वाहन नियमों के तहत चलाया जा रहा है, जिसके अनुसार सार्वजनिक परिवहन चालकों के लिए मराठी भाषा का व्यावहारिक ज्ञान होना अनिवार्य है।
महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने बुधवार को राज्य भर में चालकों की मराठी भाषा दक्षता की जांच के लिए एक महीने के अभियान की घोषणा की और आरटीओ को इस प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करने का निर्देश दिया।
अधिकारियों ने बताया कि अतिरिक्त परिवहन आयुक्त रवि गायकवाड़ राज्यव्यापी अभियान की निगरानी करेंगे, जबकि आरटीओ की हवाई टीमों को जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरनाइक ने कहा कि आवश्यक स्तर का मराठी ज्ञान नहीं रखने वाले चालकों को शुरुआत में भाषा सीखने का अवसर दिया जाएगा।
उन्होंने बुधवार को कहा कि यदि वे इसका पालन करने में विफल रहते हैं तो उनके लाइसेंस और बैज को तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया जाएगा और लगातार नियमों का पालन नहीं करने पर लाइसेंस और बैज रद्द भी किए जा सकते हैं।
मंत्री ने कहा कि सरकार का इरादा किसी की आजीविका प्रभावित करना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि मराठी भाषा तथा राज्य की पहचान एवं संस्कृति संरक्षित रहे।
उन्होंने कहा कि 105 दिन चले एक अभियान के दौरान 1.65 लाख चालक पहले ही मराठी भाषा का प्रशिक्षण ले चुके हैं और उन्हें प्रमाणपत्र जारी किए जा चुके हैं। इस अभियान को अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी।
मुंबई के तारदेव आरटीओ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उड़न दस्तों को भी एक दिन पहले परिवहन आयुक्त कार्यालय से मिले निर्देश के अनुसार कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।
अंधेरी आरटीओ कार्यालय के एक अन्य अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया कि उन्होंने वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र के नवीनीकरण के लिए आने वाले ऑटोरिक्शा और टैक्सी चालकों के मराठी ज्ञान की जांच भी शुरू कर दी है।
हालांकि, परिवहन यूनियनों ने चेतावनी दी है कि नियम लागू करने के दौरान यदि चालकों को आर्थिक परेशानी होती है या कथित तौर पर उनका शोषण किया जाता है तो वे आंदोलन कर सकते हैं।
सरनाइक के अनुसार, महाराष्ट्र में ऑटो और टैक्सी चलाने के लिए व्यावहारिक मराठी ज्ञान की अनिवार्यता 1989 से मौजूद है, लेकिन इसे सख्ती से लागू नहीं किया गया था। अब 12 अगस्त को किए गए संबंधित कानूनी संशोधन के तहत इस प्रावधान को सख्ती से लागू किया जाएगा।
भाषा राखी रंजन
रंजन

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