राहुल गांधी के पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए पुलिस ने 30 शर्तों के साथ दी अनुमति
राहुल गांधी के पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए पुलिस ने 30 शर्तों के साथ दी अनुमति
पुणे, 19 अगस्त (भाषा) पुलिस ने पुणे में 22 अगस्त के लिए प्रस्तावित राहुल गांधी के कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए अनुमति दे दी है। इसके लिए 30 शर्तें तय की गई हैं, जिनमें ‘‘आपत्तिजनक’’ चित्रों या बैनरों के प्रदर्शन पर रोक लगाई गई है और आयोजकों से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचे।
पुलिस द्वारा जारी अनुमति के अनुसार, यह कार्यक्रम शहर में आरटीओ चौक के पास एसएसपीएमएस कॉलेज मैदान में शाम साढ़े चार बजे से रात साढ़े नौ बजे तक आयोजित होना तय हुआ है, जहां 8,000 से 10,000 लोगों के जुटने का अनुमान है।
पुलिस द्वारा तय की गई 30 शर्तों में, आयोजकों को कोई भी आपत्तिजनक तस्वीर या बैनर न लगाने का निर्देश दिया गया है।
अनुमति आदेश में कहा गया है कि यदि कोई अप्रिय घटना होती है और उससे कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा होती है, तो आयोजक इसके जिम्मेदार होंगे।
इसमें कहा गया, ‘‘कार्यक्रम के दौरान किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए और यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी आयोजकों की होगी।’’
महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष मोहन जोशी ने कहा कि पुलिस ने कार्यक्रम की अनुमति दे दी है और आयोजक उनके द्वारा रखी गई सभी शर्तों का पालन करेंगे।
उन्होंने कहा कि अनुमति देते समय पुलिस द्वारा कुल 30 शर्तें तय की गई हैं।
अनुमति के तहत आयोजकों को पर्याप्त सुरक्षा, पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग व्यवस्था, पर्याप्त प्रवेश और निकास द्वार, पीने का पानी, शौचालय, अग्नि-सुरक्षा उपकरण और पार्किंग सुविधाएं सुनिश्चित करने की भी आवश्यकता है।
पुलिस ने आयोजन स्थल पर फोटोग्राफी के लिए ड्रोन के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी है और आयोजकों को निर्देश दिया है कि पुलिस, चिकित्सा और अग्निशमन सेवाओं के लिए आपातकालीन पहुंच उपलब्ध रहे।
यह अनुमति यातायात विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने पर निर्भर करेगी। पुलिस ने कहा कि कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली किसी भी अवैध गतिविधि का पता चलने पर इसे किसी भी समय रद्द किया जा सकता है।
अनुमति में यह भी कहा गया है कि यदि स्थान को लेकर कोई विवाद उत्पन्न होता है, तो अनुमति तुरंत रद्द कर दी जाएगी।
भाषा खारी वैभव
वैभव

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