महाराष्ट्र: नाबालिग का यौन उत्पीड़न करने के दोषी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा
महाराष्ट्र: नाबालिग का यौन उत्पीड़न करने के दोषी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा
ठाणे, 11 फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे जिले की एक अदालत ने नाबालिग लड़की का बार-बार यौन उत्पीड़न करने के मामले में 35 वर्षीय एक व्यक्ति को दोषी ठहराते हुए उसे 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
कल्याण स्थित अदालत के विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) वी. ए. पत्रावले ने दोषी धोंडीराम तुकाराम बांसोडे को सजा सुनाते हुए कहा कि यौन अपराध के मामलों में पीड़िता की गवाही का विशेष महत्व होता है और सहायक साक्ष्यों के अभाव में भी वह “विश्वास पैदा करती है।”
इस मामले में 31 जनवरी को पारित आदेश की एक प्रति बुधवार को उपलब्ध कराई गई।
विशेष लोक अभियोजकों भामरे पाटिल और आर. आर. भोइर ने आरोपी के खिलाफ आरोप सिद्ध करने के लिए 12 गवाहों से सवाल-जवाब किये।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, बांसोडे ने अपने पड़ोस में रहने वाली पांचवीं कक्षा की छात्रा का तब तक बार-बार यौन उत्पीड़न किया, जब तक कि 2016 में उसके परिवार वालों को इस अपराध का पता नहीं चला।
बचाव पक्ष ने कहा कि यह मामला परिवारों के बीच विवाद का नतीजा है और पुलिस में शिकायत दर्ज करने में तीन दिन की देरी हुई लेकिन अदालत ने अभियोजन पक्ष की यह दलील स्वीकार की कि लड़की के परिजनों ने शुरुआत में सामाजिक कारकों के डर से मामला दर्ज नहीं कराया।
अदालत ने दोषी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा देने के साथ ही उस पर 12,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
न्यायाधीश ने कहा कि ऐसे मामलों में पीड़िता सरकार की मुआवजा योजना के तहत मुआवजे की हकदार है।
भाषा खारी सिम्मी
सिम्मी

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