HIGHLIGHTS
- 10 वर्षीय लड़की के पेट से करीब आधा किलो बालों का गुच्छा निकाला गया।
- बच्ची को लंबे समय से बाल खाने की आदत थी, जिसे ट्राइकोफैगिया कहते हैं।
- सर्जरी सफल रही और अब बच्ची स्वस्थ है और सामान्य रूप से खाना खा पा रही है।
अमरावती: Maharashtra News: महाराष्ट्र के अमरावती शहर में 10 वर्षीय लड़की द्वारा पाचन संबंधी समस्याओं की शिकायत किए जाने के बाद उसकी सर्जरी कर पेट से लगभग आधा किलोग्राम बालों का गुच्छा निकाला गया। चिकित्सकों ने यह जानकारी दी।एक निजी अस्पताल (जहां सर्जरी हुई) में बाल रोग सर्जन डॉ. उषा गजभिये ने मंगलवार को जानकारी दी कि बच्ची ने उन्हें बताया था कि उसे लंबे समय से बाल खाने की आदत थी।
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Maharashtra News: उन्होंने बताया कि लड़की को 20 दिन पहले अस्पताल लाया गया था और उसे पिछले पांच-छह महीनों से उल्टी, भूख न लगने और वजन कम होने की शिकायत थी। मेडिकल जांच और काउंसलिंग के बाद लड़की ने डॉ. गजभिये को बताया कि वह बाल खाती है। डॉक्टर ने बताया कि मेडिकल जांच से पता चला कि उसके पेट में बालों का ढेर एक गेंद की तरह जमा हो गया था।
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उन्होंने कहा, ‘‘हमने उसका ऑपरेशन करने का फैसला किया और कुछ दिन पहले की गई सर्जरी के दौरान उसके पेट में लगभग आधा किलो बालों का गुच्छा पाया गया।’’ डॉ. गजभिये ने बताया कि बालों का गुच्छा सफलतापूर्वक निकाल दिया गया और अब लड़की ठीक से खाना खा पा रही है और उसे कोई और समस्या नहीं है। उन्होंने बताया कि लड़की को जल्द ही अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।
लड़की के पेट में बाल कैसे जमा हुए?
बच्ची को लंबे समय से बाल खाने की आदत थी, जिससे बाल पेट में जमा होकर एक बड़ी गेंद जैसी आकृति बना चुके थे।
इस स्थिति को क्या कहते हैं?
इस मानसिक स्थिति को ट्राइकोफैगिया (Trichophagia) कहते हैं। यह अक्सर तनाव, चिंता या मानसिक अस्थिरता के कारण होता है।
क्या यह स्थिति सामान्य है?
नहीं, यह एक दुर्लभ लेकिन गंभीर समस्या है, खासकर बच्चों में। इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
ऑपरेशन के बाद बच्ची की हालत कैसी है?
सर्जरी सफल रही है। अब बच्ची सामान्य रूप से खाना खा रही है और उसे किसी तरह की कोई बड़ी स्वास्थ्य समस्या नहीं है।
इस बीमारी से बचाव या इलाज कैसे संभव है?
समय पर मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग, सही पोषण और देखभाल से इस आदत को रोका जा सकता है। गंभीर मामलों में चिकित्सा हस्तक्षेप ज़रूरी होता है।