महाराष्ट्र: चार वर्षों में विधान परिषद में उद्धव की उपस्थिति महज 31 प्रतिशत रही
महाराष्ट्र: चार वर्षों में विधान परिषद में उद्धव की उपस्थिति महज 31 प्रतिशत रही
(प्रशांत रंगनेकर)
मुंबई, 17 मई (भाषा) महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पिछले चार साल में विधान परिषद की 133 बैठकों में से महज 42 में ही शामिल हुए जबकि शिवसेना की भावना गवली और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) रामराजे नाइक-निंबालकर 2024 से तीन सत्रों में एक बार भी नहीं पहुंचे। यह जानकारी उपलब्ध आंकड़ों से सामने आई है।
इसके उलट राकांपा के अमोल मिटकरी, राकांपा (शप) के शशिकांत शिंदे और कांग्रेस के राजेश राठोड ने विधान परिषद सदस्य के रूप में अपने कार्यकाल में 90 फीसदी से अधिक उपस्थिति दर्ज कराई।
शिवसेना (उबाठा) प्रमुख ठाकरे, मिटकरी, शिंदे और राठोड विधान परिषद के उन नौ सदस्यों में शामिल हैं जिनका कार्यकाल 13 मई को समाप्त हो गया।
इन सभी को 2020 में राज्य विधानमंडल के उच्च सदन के लिए चुना गया था।
ठाकरे 2019 में मुख्यमंत्री बने और 2020 में विधान परिषद में आए। वर्ष 2022 के मानसून सत्र से लेकर अब तक के आंकड़ों के अनुसार वह सदन की 133 में से केवल 42 बैठकों में उपस्थित रहे यानी उनकी उपस्थिति 31.58 फीसदी रही।
मुख्यमंत्री पद से 2022 में इस्तीफे के बाद वह अगले मानसून सत्र में सिर्फ एक बार सदन में पहुंचे। परिषद में अपने अखिरी 2026 के बजट सत्र में उद्धव 16 में से केवल चार बैठकों में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री, मंत्रियों, सभापति, उपसभापति और नेता प्रतिपक्ष की उपस्थिति का कोई रिकॉर्ड नहीं रखा जाता। इसलिए 2020 से 2022 तक मुख्यमंत्री रहते हुए ठाकरे की उपस्थिति के आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं।
आंकड़ों के अनुसार 2024 में चुनी गईं शिवसेना की भावना गवली और 2022 से परिषद सदस्य राकांपा के रामराजे नाइक-निंबालकर शीतकालीन सत्र 2024, शीतकालीन सत्र 2025 और बजट सत्र 2026, इन तीनों की एक भी बैठक में नहीं पहुंचे।
इसके विपरीत मिटकरी ने अपने छह साल के कार्यकाल में 96.50 फीसदी उपस्थिति दर्ज कराई। शिंदे और राठोड दोनों की उपस्थिति 93 फीसदी से अधिक रही। राठोड और मिटकरी ने छह साल में हुए 18 में से 13 सत्रों में सदन में शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराई, जबकि शिंदे ने 11 सत्रों में यह कीर्तिमान बनाया।
मौजूदा विधान परिषद सदस्यों में राज्यपाल द्वारा मनोनीत सदस्य मनीषा कायंदे (शिवसेना सदस्य), शिवसेना (उबाठा) के जगन्नाथ अभ्यंकर और कांग्रेस के सुधाकर अडबाले ने कई सत्रों में शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराई है।
भाषा खारी संतोष
संतोष

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