मुंबई, 12 फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र के रत्नागिरि जिले में एक क्रिकेट टूर्नामेंट में ‘बाहरी’ होने के बावजूद हिस्सा लेने का आरोप लगाते हुए तीन लोगों ने एक व्यक्ति की कथित तौर पर पिटाई कर दी। एक पुलिस अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि रविवार तड़के गुहागर के आरे में हुए हमले में जयेश जनार्दन खोत (36) गंभीर रूप से घायल हो गया। यह स्थान मुंबई से लगभग 290 किलोमीटर दूर है।
अधिकारी ने बताया , ‘ठाणे के कल्याण में रहने वाला और रैपिडो में काम करने वाला खोत, ‘आदर्श क्रीड़ा मंडल’ क्रिकेट टीम की ओर से एक टूर्नामेंट खेलने के लिए अपने पैतृक गांव गुहागर गया था। गांव की अन्य क्रिकेट टीमों ने यह दावा करते हुए आपत्ति जताई कि वह एक बाहरी व्यक्ति है और स्थानीय निवासी नहीं है।’
उन्होंने ने बताया कि रविवार तड़के जब पीड़ित अपने घर के बाहर रिश्तेदारों के साथ बैठा था, तब ओमकार बोरकर, अविनाश शेट्ये और साईप्रसाद बोरकर ने कथित तौर पर उस पर हमला कर दिया।
अधिकारी ने बताया, ‘उन्होंने खोत के साथ गाली-गलौज की और उसे लोहे की छड़ से पीटा तथा घूंसे मारे। गंभीर रूप से घायल खोत के गिरने के बाद वे फरार हो गए। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि वह खतरे से बाहर है।’
खोत के रिश्तेदारों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर, गुहागर पुलिस थाने में ओमकार बोरकर, अविनाश शेट्ये और साईप्रसाद बोरकर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।
अधिकारी ने कहा, ‘आरोपी व्यक्तियों ने अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए अदालत में आवेदन दायर किया था। अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर 20 फरवरी तक रोक लगा दी है।’
इस बीच, तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी न होने के विरोध में खोत की बुजुर्ग मां ने बुधवार को गुहागर थाने पर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि वह न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएंगी।
भाषा नोमान पवनेश
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