वाशिंगटन, दो जून (एपी) अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो को मंगलवार को ट्रंप प्रशासन के वैश्विक स्तर पर कमजोर या ठप पड़े राजनयिक प्रयासों के बारे में संसद में कई सवालों का सामना करना पड़ेगा। वह ईरान युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार ‘कैपिटल हिल’ (अमेरिकी संसद परिसर) में एक के बाद एक सुनवाई के लिये पेश होंगे।
रिपब्लिकन पार्टी के पूर्व सीनेटर विदेश विभाग के वार्षिक बजट प्रस्ताव को प्रस्तुत करने के लिए ‘हाउस’ और ‘सीनेट’ की समितियों के समक्ष उपस्थित होंगे। लेकिन ध्यान जल्द ही वाशिंगटन और तेहरान के बीच पहले से ही अस्थिर युद्धविराम पर केंद्रित होने की संभावना है, जिसकी हाल के दिनों में दोनों पक्षों द्वारा एक-दूसरे पर किये गए हमलों से और कड़ी परीक्षा हुई है।
रूबियो समेत मंत्रिमंडल के सदस्यों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पश्चिम एशिया में “लंबे समय तक चलने वाले युद्धों” में शामिल न होने के वर्षों के वादों के बावजूद संघर्ष शुरू करने के फैसले का बचाव किया है। ट्रंप के संघर्ष संबंधी बदलते लक्ष्यों ने इस काम को और भी मुश्किल बना दिया है।
रूबियो 28 फरवरी को ईरान युद्ध शुरू होने के बाद हालांकि पहली बार कांग्रेस के सामने गवाही दे रहे हैं, लेकिन उन्होंने पहले अमेरिकी और इजराइली हमलों के कुछ दिनों बाद सांसदों के लिए एक गोपनीय ब्रीफिंग में भाग लिया था। उन्हें संसद की मंजूरी न मिलने पर डेमोक्रेट्स के गुस्से का सामना करना पड़ा, लेकिन अमेरिका के सबसे पुराने दुश्मनों में से एक के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अधिकांश रिपब्लिकन मजबूती से उनके साथ खड़े दिखे।
युद्ध शुरू होने के बाद से दो महीनों में, रिपब्लिकन सांसदों के एक छोटे लेकिन बढ़ते हुए गुट ने डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर इस संघर्ष की बढ़ती लागत और समग्र आर्थिक परिणामों पर सवाल उठाना शुरू कर दिया है, क्योंकि शरद ऋतु में मध्यावधि चुनाव होने वाले हैं।
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प्रशांत दिलीप
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