ओयो की मूल कंपनी प्रिज्म को आईपीओ लाने के लिए सेबी की मंजूरी, 6,650 करोड़ रुपये जुटाएगी

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ओयो की मूल कंपनी प्रिज्म को आईपीओ लाने के लिए सेबी की मंजूरी, 6,650 करोड़ रुपये जुटाएगी

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  • Publish Date - June 2, 2026 / 06:44 PM IST,
    Updated On - June 2, 2026 / 06:44 PM IST

नयी दिल्ली, दो जून (भाषा) ओयो की मूल कंपनी प्रिज्म को बाजार नियामक सेबी से अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के जरिये 6,650 करोड़ रुपये जुटाने की मंजूरी मिल गई है। मामले से जुड़े लोगों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि प्रस्तावित सार्वजनिक पेशकश से कंपनी का मूल्यांकन सात से आठ अरब डॉलर होने की उम्मीद है।

वैश्विक यात्रा प्रौद्योगिकी यूनिकॉर्न (एक अरब डॉलर या उससे अधिक मूल्यांकन वाले स्टार्टअप) ओयो की मूल कंपनी प्रिज्म ने गोपनीय माध्यम से दिसंबर, 2025 के अंत में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के समक्ष आईपीओ के लिए प्रारंभिक दस्तावेज दाखिल किए थे।

दस्तावेज 20 दिसंबर, 2025 को आयोजित असाधारण आम बैठक (ईजीएम) में शेयरधारकों की मंजूरी के बाद दखिल किए गए। बैठक में कंपनी को इक्विटी शेयर के नए निर्गम के माध्यम से 6,650 करोड़ रुपये तक जुटाने की मंजूरी मिली है।

प्रिज्म ने गोपनीय पूर्व-फाइलिंग मार्ग का विकल्प चुना। यह विकल्प कंपनी को बिना इसे सार्वजनिक रूप से प्रकट किए अपने मसौदा दस्तावेज पर प्रारंभिक प्रतिक्रिया के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के साथ बातचीत करने की अनुमति देता है।

कंपनी अब अगले चरण में सार्वजनिक अद्यतन विवरण पुस्तिका मसौदा (यूडीआरएचपी-1) दाखिल करेगी, जो 21 दिन के लिए सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए खुला रहेगा। कंपनी जुलाई की शुरुआत तक इसे दाखिल करने की योजना बना रही है।

उन्होंने कहा कि प्रिज्म वर्तमान में बाजार की स्थितियों और व्यापक सूचीबद्धता समय-सीमा का मूल्यांकन कर रही है। साथ ही साथ अपना यूडीआरएचपी-1 दाखिल करने की तैयारी में है।

आईपीओ की बात ऐसे समय में सामने आई है जब प्रिज्म अपने प्रमुख बाजारों… भारत, अमेरिका और यूरोप… में अपनी उपस्थिति को मजबूत करने के साथ स्व-संचालित होटल और संडे होटल्स और पैलेट होटल्स जैसे प्रीमियम ब्रांड के विकास पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है। इसके अलावा, कंपनी ने हाल ही में अपने यूरोपीय ब्रांड डैनसेंटर के साथ गोवा में किराये के लिए विला खोलकर भारत में ‘वैकेशन होम सेगमेंट’ में कदम रखा है।

ओयो की स्थापना रितेश अग्रवाल ने 2012 में की थी। वह प्रिज्म ग्रुप के सीईओ हैं। सॉफ्टबैंक इसके सबसे बड़े शेयरधारकों में से एक है। कंपनी ने पहले भी सार्वजनिक होने का प्रयास किया था।

होटल को अपने मंच से जोड़ने वाली कंपनी ने सबसे पहले 2021 में 8,430 करोड़ रुपये जुटाने के लिए आईपीओ के लिए आवेदन किया था और सेबी को 12 अरब डॉलर के मूल्यांकन का लक्ष्य रखते हुए दस्तावेज प्रस्तुत किए थे। इसके बाद 2023 में अद्यतन वित्तीय और परिचालन संबंधी जानकारियों के साथ एक और आवेदन किया गया।

हालांकि, वैश्विक बाजार में बढ़ती अस्थिरता के कारण निवेशकों के विश्वास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा और कंपनी ने बाद में आईपीओ की योजना वापस ले ली।

हाल ही में, प्रिज्म ने सेबी के पूर्व चेयरमैन अजय त्यागी को अपने बोर्ड (निदेशक मंडल) में स्वतंत्र निदेशक के रूप में नियुक्त किया है। पूंजी बाजार, कॉरपोरेट प्रशासन और नियामक मामलों में उनके व्यापक अनुभव से कंपनी के आईपीओ की ओर बढ़ने के साथ ही प्रिज्म के बोर्ड को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

भाषा रमण अजय

अजय