भायंदर स्टेशन पर युवक ने उत्पीड़न का दावा किया, रेलवे ने आरोपों को किया खारिज
भायंदर स्टेशन पर युवक ने उत्पीड़न का दावा किया, रेलवे ने आरोपों को किया खारिज
ठाणे, एक जनवरी (भाषा) मुंबई में बृहस्पतिवार को एक युवक ने यह दावा किया कि जब उसने मुंबई के बाहरी इलाके में स्थित भायंदर स्टेशन पर अंग्रेजी और हिंदी में हुई घोषणाओं के बाद यह जानना चाहा कि घोषणाएं मराठी में क्यों नहीं की गईं तो उसे वहां तीन घंटे तक परेशान किया गया और हिरासत में रखा गया।
रेलवे अधिकारियों ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि पश्चिमी रेलवे पर घोषणाएं तीनों भाषाओं में की जाती हैं।
जिगर पाटिल नामक युवक के अनुसार, “मराठी भाषा का प्रयोग नहीं किया जा रहा था”, इस संबंध में शिकायत दर्ज कराने के लिए उसने स्टेशन मास्टर से शिकायत रजिस्टर मांगा। युवक ने दावा किया कि स्टेशन मास्टर ने गुस्से में जवाब दिया।
युवक ने दावा किया कि स्टेशन मास्टर ने पाटिल को कथित तौर पर धमकी दी कि अगर उसने बहस जारी रखी तो रेलवे सुरक्षा बल को बुला लिया जाएगा। युवक ने बताया कि इसके बाद उसे स्टेशन मास्टर के कमरे में ले जाया गया और वहां लगभग तीन घंटे तक इंतजार कराया गया।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पाटिल ने स्टेशन मास्टर के साथ दुर्व्यवहार किया। उनके पास वैध टिकट भी नहीं था जिसके कारण उन्हें स्टेशन पर बैठा दिया गया।
पश्चिमी रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि रेलवे पर घोषणाएं हमेशा मराठी, अंग्रेजी और हिंदी में की जाती हैं।
भाषा प्रचेता रंजन
रंजन

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