ठाणे (महाराष्ट्र), छह मई (भाषा) ठाणे की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने 21-वर्षीय एक व्यक्ति को सोशल मीडिया पर महिला बनकर एक किशोरी से दोस्ती करने के बाद उसका यौन उत्पीड़न करने और धमकी देने के अपराध के लिए पांच साल की कैद की सजा सुनाई है।
विशेष न्यायाधीश रूबी यू मालवणकर ने फैसला सुनाते हुए दोषी प्रथमेश प्रवीण जाधव को शिकायतकर्ता को मुआवजे के तौर पर 2.3 लाख रुपये देने का भी निर्देश दिया। जाधव पेशे से ‘डॉग ट्रेनर’ है।
विशेष लोक अभियोजक योगेंद्र पाटिल ने अदालत को बताया कि जाधव ने मार्च 2024 में सोशल मीडिया पर एक महिला बनकर लड़की से दोस्ती की। फिर उसने लड़की की छेड़छाड़ की गयी तस्वीरों को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने की धमकी दी तथाउसे अपनी निजी तस्वीरें और वीडियो भेजने के लिए मजबूर किया।
अभियोजन पक्ष ने जाधव के खिलाफ आरोपों को साबित करने के लिए किशोरी, उसके माता-पिता, फॉरेंसिक विशेषज्ञों और एक दूरसंचार कंपनी के नोडल अधिकारी सहित नौ गवाहों के बयान दर्ज किए।
न्यायाधीश मालवणकर ने कहा कि जाधव ने ‘‘पीड़ित बच्ची की कम उम्र’’ का फायदा उठाया और सोशल मीडिया पर दिन-रात उसका पीछा किया तथा ‘‘उसे अपनी बातें मनवाने और अपनी इच्छा पूरी करने के लिए मजबूर किया।’’
अदालत ने कहा कि न केवल लड़की, बल्कि उसके पूरे परिवार को गहरा सदमा लगा है।
अदालत ने कहा, ‘‘इसलिए आरोपी द्वारा किए गए कृत्य की कड़ी जांच होनी चाहिए और समाज में ऐसी विचारधारा वाले लोगों को उचित संदेश देने के लिए इसपर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।’’
अदालत ने जाधव को भारतीय दंड संहिता, यौन अपराध से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत दोषी ठहराया और उसे पांच साल की जेल की सजा सुनाने के साथ-साथ 2.3 लाख रुपये का मुआवजा किशोरी को देने का निर्देश भी दिया।
भाषा गोला सुरेश
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